ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकाबंदी बरकरार है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नौसेना की तारीफ करते हुए उन्हें समुद्री डाकू बताया है. ट्रंप ने ये भी दावा किया है कि नाकाबंदी से अमेरिका को काफी फायदा पहुंचा है.
ट्रंप ने कुछ दिन पहले अमेरिकी सेना के एक जहाज को जब्त करने का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों से निकलने वाले कई जहाजों को पकड़ा है. इसके अलावा, एशियाई समुद्री क्षेत्रों में भी ईरान के टैंकरों और प्रतिबंधित कंटेनर जहाजों पर कार्रवाई की गई है.
ऐसे में ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान के बंदरगाहों पर नाकाबंदी कर रही अमेरिकी नौसेना को जमकर सराहा. उन्होंने कहा कि वो 'समुद्री डाकू' की तरह काम कर रही है.
ट्रंप का दावा- ईरान से जंग खत्म
हाल ही में ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस नेताओं को पत्र लिखकर दावा किया था कि ईरान के साथ जारी युद्ध और सैन्य संघर्ष अब खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि युद्ध शक्तियों की समयसीमा खत्म हो गई है, इसलिए अब ईरान के साथ कोई गोलीबारी नहीं हो रही है.
दरअसल 1 मई को जंग को 60 दिन पूरे हो गए और इसी के साथ ट्रंप को जंग जारी रखने के लिए सांसदों की अनुमति की जरूरत है. लेकिन अब ट्रंप का कहना है कि लड़ाई खत्म हो चुकी है, इसलिए उन्हें इस संघर्ष को जारी रखने के लिए सांसदों से विशेष अनुमति लेने की जरूरत नहीं है.
अमेरिक ने शिपमेंट कंपनियों को चेताया
दूसरी तरफ, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने शिपमेंट कंपनियों को चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को किसी भी तरह का टोल या शुल्क न दिया जाए. अगर कोई कंपनी ईरान को पैसे देती है, चाहे वो ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी जैसे संगठनों को 'दान' के रूप में ही क्यों न हो, तो उस पर सख्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.
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बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है. यहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी की शिपमेंट गुजरती है. लेकिन नाकाबंदी की वजह से दुनिया की एनर्जी सप्लाई पर संकट मंडरा रहा है.
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