China-US Summit: ट्रंप-जिनपिंग की बैठक पर दुनिया की नजर, AI से ईरान-ताइवान तक एजेंडे में कई बड़े मुद्दे

अमेरिका और चीन के बीच होने जा रहा हाई-प्रोफाइल शिखर सम्मेलन वैश्विक राजनीति, व्यापार और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. इस बैठक में ईरान-चीन संबंध, ताइवान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और परमाणु हथियार नियंत्रण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप 13 मई को बीजिंग पहुंचेंगे जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी. (File Photo: AP) अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप 13 मई को बीजिंग पहुंचेंगे जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी. (File Photo: AP)

aajtak.in

  • वॉशिंगटन,
  • 11 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:59 PM IST

अमेरिका और चीन के बीच इस सप्ताह होने जा रहा शिखर सम्मेलन वैश्विक राजनीति और कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति 13 मई को बीजिंग पहुंचेंगे, जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी. इस हाई-प्रोफाइल बैठक में वैश्विक सुरक्षा, व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. 

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व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक यह यात्रा केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अमेरिका ठोस नीतिगत नतीजों पर जोर देगा. ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य चीन के साथ आर्थिक संबंधों में संतुलन सुनिश्चित करना है ताकि अमेरिकी आर्थिक हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत किया जा सके.

ईरान-चीन संबंधों पर अमेरिका की नजर 

ट्रंप प्रशासन बीजिंग पर ईरान के साथ उसके संबंधों को लेकर दबाव बना सकता है. व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने हाल ही में एक चीनी इंटेलिजेंस फर्म और कुछ सैटेलाइट कंपनियों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि यह मुद्दा वार्ता का अहम हिस्सा रहेगा. अमेरिका का मानना है कि चीन और तेहरान के बीच बढ़ता सहयोग वैश्विक सुरक्षा संतुलन के लिए चुनौती बन सकता है.

परमाणु हथियारों के नियंत्रण पर भी चर्चा 

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हालांकि चीन अब तक परमाणु हथियार नियंत्रण वार्ता में खास रुचि नहीं दिखाता रहा है, फिर भी अमेरिकी प्रशासन इस मुद्दे को सीधे शिखर वार्ता में उठाएगा. अधिकारियों के अनुसार, वैश्विक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए परमाणु नियंत्रण पर बातचीत जरूरी है.

ताइवान और इंडो-पैसिफिक पर फोकस 

ताइवान मुद्दे पर व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और भविष्य में भी किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है. यह बयान ऐसे समय आया है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की सैन्य गतिविधियों और रणनीतिक विस्तार को लेकर तनाव बना हुआ है.

चीन-अमेरिका शिखर सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा भी प्रमुख मुद्दे रहेंगे. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक और साइबर क्षमताओं को देखते हुए दोनों देशों के बीच संवाद तंत्र विकसित करने की जरूरत है. अमेरिका ने नए एआई मॉडल्स की क्षमताओं को लेकर चिंता भी जताई है.

व्यापार और निवेश समझौतों की तैयारी 

अमेरिका इस दौरे के दौरान एयरोस्पेस, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों की दिशा में काम करेगा. व्हाइट हाउस का कहना है कि इन समझौतों का मकसद अमेरिकी कामगारों, किसानों और परिवारों के हितों की रक्षा करना है. हालांकि अधिकारियों ने साफ किया कि फिलहाल किसी बड़े चीनी निवेश कार्यक्रम को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है.

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राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा का पूरा शेड्यूल 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 13 मई की शाम बीजिंग पहुंचेंगे और 15 मई की दोपहर चीन से अमेरिका के लिए रवाना होंगे. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय बैठकें, औपचारिक कार्यक्रम और कार्यकारी लंच आयोजित किए जाएंगे.

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