अमेरिका में न्यूयॉर्क की एक अदालत ने पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट के खिलाफ राजनीतिक हत्याओं की साजिश रचने के मामले में ट्रायल शुरू हो गया है. 47 साल के आसिफ मर्चेंट पर आरोप है कि वह ईरानी सरकार के संपर्क में था और अप्रैल 2024 में हत्यारों की भर्ती के लिए न्यूयॉर्क आया था. आरोप है कि उसने हत्याएं करने के लिए दो लोगों को 5,000 डॉलर का अग्रिम भुगतान किया था, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल थे. ये दोनों शख्स वास्तव में एफबीआई के अंडरकवर एजेंट थे.
मर्चेंट ने एक होटल के नैपकिन पर वस्तुओं का उपयोग करके हमले की योजना का खाका खींचा था, जिससे 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले इस साजिश को अंजाम दिया जा सके.
आतंकवाद के इन आरोपों में दोषी पाए जाने पर मर्चेंट को उम्रकैद की सजा हो सकती है.
नैपकिन पर बनाई थी खूनी साजिश
अभियोक्ताओं ने जूरी को बताया कि आसिफ मर्चेंट ने अपनी योजना को समझाने के लिए एक होटल के नैपकिन का सहारा लिया था. उसने नैपकिन पर कई वस्तुओं को रखकर लोगों, इमारतों और भीड़ को दर्शाया था, जिससे वह समझा सके कि हत्या को कैसे अंजाम दिया जाएगा. अप्रैल 2024 में उसके न्यूयॉर्क पहुंचने पर एक शख्स ने अधिकारियों को इस साजिश की जानकारी दी थी, जो बाद में गोपनीय मुखबिर बन गया.
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बचाव पक्ष और एफबीआई की रणनीति
आसिफ मर्चेंट ने खुद को बेगुनाह बताया है. उसके वकीलों का कहना है कि वह एक धार्मिक शख्स है, जिसका ईरान और पाकिस्तान में परिवार है और उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं. वहीं, एफबीआई की स्टिंग ऑपरेशंस वाली रणनीति पर भी सवाल उठते रहे हैं. आलोचकों का मानना है कि यह फंसाने जैसा हो सकता है, जहां मानसिक रूप से कमजोर लोगों को ऐसे काम के लिए उकसाया जाता है, जिसे वे अकेले नहीं कर पाते.
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