हिंद महासागर में इस महीने की शुरुआत में हुई एक खौफनाक घटना के बाद, अब मारे गए ईरानी नौसैनिकों के शवों को उनके वतन वापस भेजा जा रहा है. श्रीलंका सरकार ने फैसला किया है कि वह उन 84 ईरानी सैनिकों के शवों को ईरान लौटाएगी, जो एक अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में मारे गए थे. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कोलंबो की एक अदालत ने सरकार को आदेश दिया था कि इन शवों को श्रीलंका में मौजूद ईरानी दूतावास को सौंप दिया जाए. अब कोर्ट के आदेश के बाद कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है और शवों को भेजने का काम शुरू हो गया है.
कैसे हुआ था यह बड़ा हमला?
यह पूरी घटना 4 मार्च की है, जब आईरिस देना नाम का ईरानी जहाज श्रीलंका के तट के पास डूब गया था. इस जहाज पर चालक दल के करीब 180 सदस्य सवार थे. इस हमले के साथ ही मिडिल ईस्ट का संघर्ष अब भारत के पड़ोस तक पहुंच गया है. जब जहाज डूब रहा था, तब श्रीलंकाई नौसेना ने तुरंत एक्शन लेते हुए 32 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया था. हालांकि, इस हमले में 84 नौसैनिकों की मौत हो गई, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं. जहाज पर सवार 60 अन्य सदस्य अब भी लापता हैं और उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. प्रशासन ने साफ किया है कि बचाए गए 32 नाविक फिलहाल श्रीलंका में ही रहेंगे.
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विशेष विमान से ताबूतों की घर वापसी
श्रीलंका के अधिकारियों का कहना है कि शवों को ईरान भेजने की सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं. ईरान की सरकार अपने जवानों के शवों को ले जाने के लिए एक खास चार्टर्ड विमान लेकर आ रही है. इन शवों को श्रीलंका के मत्ताला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अलग-अलग खेप में भेजा जा रहा है. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, 46 शवों का पहला बैच शुक्रवार दोपहर को ईरान के चार्टर्ड कार्गो विमान से रवाना कर दिया गया. बाकी बचे शवों को भी जल्द ही ईरान भेज दिया जाएगा.
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