'अभी तक हमने सिर्फ कबाड़ मिसाइलें दागी हैं, असली तो...', ईरान की अमेरिका और इजरायल को चेतावनी

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव तेज हो गया है. इजरायल ने लगभग 70 मिसाइलें दागने की बात कही, जबकि ईरान ने जवाबी हवाई हमले किए. तेहरान ने चेतावनी दी कि अब तक सिर्फ कबाड़ मिसाइलें इस्तेमाल हुईं, असली हथियार बाकी हैं. आईआरजीसी ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को संभावित लक्ष्य बताया, वहीं दोनों पक्षों ने आगे और कड़ी सैन्य तैयारियों के संकेत भी दिए हैं. वैश्विक चिंता तेजी से बढ़ती जा रही.

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ईरान ने इजरायल के हमलों के जवाब में बड़ा सैन्य कदम उठाया उठाया है. Photo AP ईरान ने इजरायल के हमलों के जवाब में बड़ा सैन्य कदम उठाया उठाया है. Photo AP

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:50 PM IST

अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला बोल दिया है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम ईरान की बढ़ती खतरनाक गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है. हमले का जवाब देते हुए ईरान ने भी कई हवाई हमले किए. हमले के बीच ईरान ने कहा है कि अभी तक हमने सिर्फ कबाड़ मिसाइलें दागी हैं, असली हथियार का इस्तेमाल अब करेंगे. ईरान की ओर से कहा गया, 'हमने अब तक कबाड़ मिसाइलें दागी हैं, खतरनाक हथियार का इस्तेमाल तो अब होगा.'

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ईरान ने इजरायल के हमलों के जवाब में बड़ा सैन्य कदम उठाया
रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल की ओर कम से कम 70 मिसाइलें दागी गईं. इस हमले के बाद इजरायल ने अपनी वायु सेना को पूरी तरह अलर्ट पर डाल दिया है और निर्देश दिए हैं कि ज्यादा से ज्यादा मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया जाए. साथ ही किसी भी नए हमले की स्थिति में तुरंत जवाबी कार्रवाई की तैयारी भी रखी गई है.

कूटनीतिक बातचीत के बीच हमले की निंदा
ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की. मंत्रालय ने कहा कि यह हमला ऐसे समय हुआ जब ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी थी, जिससे शांति प्रयासों को बड़ा झटका लगा है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के जवाब में ईरान किसी भी प्रतिक्रिया से पीछे नहीं हटेगा और जरूरत पड़ने पर मातृभूमि की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा.

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'हम युद्ध नहीं चाहते थे, लेकिन जवाब देंगे'
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन करते हुए रक्षा ठिकानों, बुनियादी ढांचे और नागरिक इलाकों को निशाना बनाया. मंत्रालय के मुताबिक, संभावित खतरे के बावजूद ईरान ने पहले संवाद का रास्ता अपनाया ताकि टकराव टाला जा सके. हालांकि मौजूदा हालात में देश की रक्षा करना अनिवार्य हो गया है. ईरान ने दोहराया कि वह बातचीत के लिए तैयार था और अब किसी भी हमले का सख्त व निर्णायक जवाब देने की क्षमता रखता है. साथ ही कहा कि इतिहास गवाह है. ईरान ने कभी बाहरी दबाव के आगे झुकाव नहीं दिखाया और इस बार भी जवाब ऐसा होगा कि हमलावर पछताएंगे.

इजरायल 70 हजार रिजर्व सैनिक बुलाने की तैयारी में
एक इजरायली सैन्य अधिकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में लगभग 70 हजार रिजर्व सैनिकों को तैनात करने की योजना है. इनमें ज्यादातर एयर डिफेंस यूनिट से जुड़े होंगे ताकि संभावित खतरों से निपटने की क्षमता मजबूत की जा सके. उधर, ईरान में करीब 90 प्रतिशत इंटरनेट सेवाएं बाधित होने की खबर है, जिससे देश के बड़े हिस्से में डिजिटल संचार प्रभावित हुआ है.

अमेरिकी ठिकाने भी निशाने पर: IRGC
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के सभी सैन्य ठिकाने, संसाधन और हित अब ईरान की नजर में संभावित लक्ष्य हैं. संगठन ने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर इन पर कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही ईरानी सेना ने दावा किया कि उसके सभी वरिष्ठ कमांडर सुरक्षित हैं. इन बयानों के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है.

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