'शेख हसीना को लाने की हर कोशिश...', पूर्व PM की वतन वापसी पर क्या बोलीं बांग्लादेशी विदेश राज्यमंत्री

बांग्लादेश में आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री पद छोड़ने को मजबूर हुईं शेख हसीना भारत में शरण लिए हुए हैं. शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर बांग्लादेशी विदेश राज्यमंत्री शमा ओबैद इस्लाम का बयान आया है.

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भारत में हैं शेख हसीना (File Photo: PTI) भारत में हैं शेख हसीना (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:18 AM IST

बांग्लादेश की सत्ता से बेदखल होने के बाद से ही शेख हसीना भारत में हैं. शेख हसीना के खिलाफ उनकी सरकार के खिलाफ हुए आंदोलन कुचलने की कोशिशों को लेकर कई मामले दर्ज हैं. बांग्लादेश की विदेश मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने अब शेख हसीना को लेकर बड़ा बयान दिया है. शमा ओबैद ने कहा है कि शेख हसीना को मुकदमों का सामना करने के लिए बांग्लादेश लाने की हर संभव कोशिश सरकार कर रही है.

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ढाका में पत्रकारों से बात करते हुए बांग्लादेशी विदेश राज्यमंत्री ने दावा किया कि कूटनीतिक प्रयासों में हमें कोई कमी नहीं दिखती. यह प्रक्रिया जारी है. उन्होंने कहा कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली सरकार के समय शुरू हुई थी और बीएनपी की सरकार इस प्रक्रिया को अब आगे बढ़ा रही है. शमा ने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया में समय लगता है.

उन्होंने कहा कि किसी मामले में दोषी करार दिए गए व्यक्ति को प्रत्यर्पण संधि या अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत वापस लाने की प्रक्रिया स्थापित नियमों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक ही पूरी की जाती है. शमा ओबैद इस्लाम ने प्रत्यर्पण में किसी कानूनी अड़चन, भारत के रुख को लेकर सवाल पर सीधे-सीधे कुछ भी बोलने से परहेज किया. शेख हसीना की हालिया टिप्पणियों को लेकर भी उनसे सवाल पूछे गए.

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बांग्लादेश की विदेश राज्यमंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने इस पर कहा कि फरार चल रहे किसी दोषी करार दिए जा चुके व्यक्ति की टिप्पणियां कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया के लिए प्रासंगिक नहीं हैं. गौरतलब है कि शेख हसीना ने अपनी सरकार के सत्ता से हटने की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर बांग्लादेश में सुनाई गई मौत की सजा, आपराधिक दोष सिद्धि और खुद पर लगे सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था.

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बता दें कि 5 अगस्त 2024 को अपनी सरकार के खिलाफ छात्रों के हिंसक आंदोलन के बाद शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. प्रदर्शनकारी उनके सरकारी आवास में घुस गए थे. शेख हसीना पीएम पद छोड़ने के बाद बांग्लादेश वायु सेना के विमान से भारत आ गई थीं और तब से भारत में ही रह रही हैं. बांग्लादेश की ओर से प्रत्यर्पण के अनुरोध को लेकर भारत पहले ही साफ कह चुका है कि हम अपने न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रिया के तहत समीक्षा कर रहे हैं.
 

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