रूस ने ड्रोन हमले कर 24 घंटों के अंदर ही यूक्रेन के दो बड़े शहरों पर भारी तबाही मचाई है. शनिवार को ओडेसा में रिहाइशी इलाकों को निशाना बनाकर हमला किया गया तो इससे पहले खारकीव में भी ड्रोन से बम बरासए गए. इन दोनों हमलों में 2 लोगों की मौत हुई है और 19 लोग घायल हुए हैं. रूस ने दावा किया है कि उसने यूक्रेन के पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र के सीमावर्ती गांव ब्रुसिव्का पर कब्जा कर लिया है. ये जानकारी रूस के रक्षा मंत्रालय ने दी, जिसे सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए ने भी साझा किया है. हालांकि यूक्रेन की ओर से अभी तक इस कब्जे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन विशेषज्ञ इसे कीव के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं.
ब्रुसिव्का भले ही छोटा गांव हो, लेकिन इसकी रणनीतिक स्थिति इसे बेहद अहम बनाती है. यह गांव लाइमन जैसे महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र के दक्षिण में स्थित है और सिवेर्स्की दोनेत्स नदी के पास होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से एक बफर जोन का काम करता है. इस इलाके पर नियंत्रण से रूसी सेना को स्लोवियांस्क और क्रामाटोर्स्क जैसे प्रमुख शहरों की ओर आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है, जो डोनेट्स्क क्षेत्र में यूक्रेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण ठिकाने हैं.
खाड़ी देशों में मचे घमासान के बीच यूक्रेनी शहरों पर रूसी सेना का कहर जारी है. ये हमले इतने जबरदस्त थे कि हमलों के कई घंटों बाद भी मौके पर राहत बचाव अभियान जारी है. दोनों शहरों में रिहाइशी इलाकों पर बमबारी की गई. जिसमें मैटरनिटी अस्पताल, आवासीय इमारतें, बिजनेस सेंटर, बंदरगाह सुविधाएं और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है.
रूस के कब्जे के मायने?
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रुसिव्का पर कब्जा रूस की व्यापक सैन्य रणनीति का हिस्सा है, जो 2026 की शुरुआत से डोनेट्स्क क्षेत्र में तेज हुई है. रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस ऑपरेशन को मोटराइज्ड राइफल यूनिट्स और आर्टिलरी की मदद से अंजाम दिया गया.
विश्लेषकों के अनुसार, रूस इस कदम को डोनबास क्षेत्र की प्रशासनिक सीमाओं तक पहुंचने की दिशा में लगातार प्रगति के तौर पर देख रहा है. वहीं, यूक्रेन के लिए यह उसके पूर्वी मोर्चे की सुरक्षा कमजोर होने का संकेत है.
हालांकि, यूक्रेन की सेना लंबे समय से फ्लेक्सिबल डिफेंस की रणनीति अपनाती रही है, जिसके तहत वह हर क्षेत्र को हर कीमत पर बचाने के बजाय रणनीतिक तौर पर पीछे हटकर दुश्मन को ज्यादा नुकसान पहुंचाने की कोशिश करती है. इसके बावजूद ब्रुसिव्का पर रूस का कब्जा इस युद्ध में बढ़ते दबाव और बदलते हालात की ओर इशारा करता है.
रायटर्स से इनपुट सहित
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