कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने मीडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए मंगलवार को इजरायल की आलोचना की. उन्होंने कहा कि लेबनान में इजरायल की सैन्य घुसपैठ और वहां बफर जोन बनाने की बातें अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि लेबनान की संप्रभुता का सम्मान किया जाना बेहद जरूरी है और किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता को और कमजोर करती है.
माजिद अल-अंसारी ने बताया कि लेबनान में हालात को शांत करने के लिए कतर लगातार अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संपर्क में है और तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है, जिससे स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है. ईरान से जुड़े मुद्दे पर बोलते हुए अल-अंसारी ने कहा कि हालिया हमलों में कई 'रेड लाइन' पार की गई हैं, जो क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं.
यह भी पढ़ें: 'हम कतर नहीं हैं, तगड़ा जवाब देंगे...', ईरान में इजरायली हमले से क्यों बौखलाया PAK
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान एक पड़ोसी देश है और उसके साथ मिल-जुलकर रहने का रास्ता तलाशना जरूरी है. माजिद अल-अंसारी ने कहा कि जैसे-जैसे सभी पक्ष वार्ता की मेज के करीब आएंगे, पूरे क्षेत्र के लिए बेहतर परिणाम सामने आएंगे. लगातार बढ़ता तनाव किसी के हित में नहीं है और इससे केवल जान-माल का नुकसान ही बढ़ेगा.
उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुद्दे पर भी बात की.
माजिद अल-अंसारी ने कहा कि यह केवल एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है, खासकर ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर. ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं. कतर ने स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संवाद के पक्ष में है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.
aajtak.in