'ये मेरा ही नहीं 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान...', PM मोदी गुयाना के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित

इस सम्मान से सम्मानित होने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि गुयाना के सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर मैं मेरे मित्र राष्ट्रपति इरफान अली का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूं. ये सम्मान केवल मेरा ही नहीं बल्कि भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान है. यह हमारे संबंधों के प्रति आपकी गहरी प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है जो हमें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहेगा.

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पीएम मोदी गुयाना के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित पीएम मोदी गुयाना के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:38 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय कैरिबियाई देश गुयाना में है. यह उनकी तीन देशों की यात्रा का आखिरी चरण है. इस दौरान गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली ने पीएम मोदी को गुयाना के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया.

इस सम्मान से सम्मानित होने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि गुयाना के सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर मैं मेरे मित्र राष्ट्रपति इरफान अली का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूं. ये सम्मान केवल मेरा ही नहीं बल्कि भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान है. यह हमारे संबंधों के प्रति आपकी गहरी प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है जो हमें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहेगा.

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उन्होंने कहा कि भारत और गुयाना के संबंध हमारे साझा इतिहास, सांस्कृतिक धरोहर और गहरे आपसी विश्वास पर आधारित है. दोनों देशों के अभूतपूर्व संबंधों को ऊंचाइयों तक ले जाने में राष्ट्रपति इरफान अली का निजी रूप से बहुत बड़ा योगदान रहा है. उनके नेतृत्व में हम हर दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं. आज की चर्चाओं में भी भारत  के लोगों के प्रति उनके  स्नेह और आदर को महसूस किया है.

पीएम मोदी ने काह कि भारत भी गुयाना के साथ हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलकर चलने के लिए तैयार है. दो लोकतांत्रिक देशों के रूप में हमारा सहयोग केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिए नहीं बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए महत्वपूर्ण है. अनेक नदियां, झरने और झीलों से समृद्ध गयाना को 'लैंड ऑफ मैनी वॉटर्स' कहा जाता है, जिस प्रकार से गुयाना की नदियां यहां के लोगों की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग रही है. उसी प्रकार भारत की गंगा, यमुना और बह्मपुत्र जैसे महान नदियां हमारी प्राचीन सभ्यता का जन्मस्थल रही है.

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उन्होंने कहा कि दोनों देशों में जल को सामाजिक और सांस्कृतिक गौरव का स्थान दिया गया है. भारत और गुयाना की समानताओं के इस तरह के कई उदाहरण हैं जो हमारे ऐतिहासिक और सामाजिक संबंधों को और भी गहरा करते हैं. आज आपके द्वारा दिए गए सम्मान को मैं भारत और गुयाना के इन्हीं ऐतिहासिक संबंधों और अटूट दोस्ती को समर्पित करता हूं.

पीएम मोदी ने भारत-कैरिबियाई देशों के समिट में की शिरकत

पीएम मोदी ने गुयाना में दूसरे भारत-कैरिबियाई देशों के समिट में शिरकत की. इस समिट को संबोधित करते हुए मोदी ने भारत और कैरिबियाई देशों के संबंधों को और मजबूत करने के लिए सात स्तंभों का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि भारत दरअसल कैरिबियाई देशों के साथ अपने संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं.

पीएम मोदी की सह अध्यक्षता में दूसरे भारत-CARICOM समिट का आयोजन हुआ. इस समिट में नेताओं ने आर्थिक सहयोग, कृषि, खाद्य सुरक्षा, हेल्थ, फार्मास्युटिकल्स और साइंस जैसे क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की.

समिट के दौरान पीएम मोदी ने भारत और CARICOM  के संबंधों को मजबूत करने के लिए सात स्तंभों का प्रस्ताव रखा. ये सात स्तंभ C-A-R-I-C-O-M पर आधारित हैं. ये सात स्तंभ C- क्षमता निर्माण, A- कृषि और खाद्य सुरक्षा, R- रिन्यूएबल एनर्जी एंड क्लाइट चेंज, I- इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एवं व्यापार, C- क्रिकेट और संस्कृति, O- ओशन इकोनॉमी और M- मेडिसिन एंड हेल्थकेयर है. 

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पीएम मोदी ने कहा कि पिछली बैठक में हमने कई नई और सकारात्मक पहल की थी और मुझे खुशी है कि उन सभी पर काम हो रहा है. मैं भविष्य में हमारे सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए कुछ प्रस्ताव रखना चाहता हूं, जो सात मुख्य स्तंभों C, A, R, I, C, O, M पर आधारित हैं. बता दें कि पीएम मोदी बुधवार को गुयाना पहुंचे थे. यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का गुयाना का 56 साल में पहला दौरा था. 

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