आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान को खाड़ी देशों से बड़ी राहत मिलने जा रही है. सऊदी अरब और कतर पाकिस्तान को करीब 5 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता देने वाला है. यह मदद ऐसे समय में की जा रही है, जब पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को इस महीने के अंत तक संयुक्त अरब अमीरात को 3.5 अरब डॉलर का कर्ज चुकाना है. लगातार घटते विदेशी मुद्रा भंडार के बीच यह भुगतान पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती है. ऐसे में सऊदी अरब और कतर से मिलने वाली सहायता अहम है.
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यह फंडिंग सीधे तौर पर पाकिस्तान के कमजोर विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को कम करेगी. बीते कुछ महीनों में देश की आर्थिक हालत लगातार चिंता का विषय बनी हुई है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी साख दांव पर लगी हुई है.
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब इस वक्त अमेरिका के दौरे पर हैं. वे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की स्प्रिंग मीटिंग्स में हिस्सा लेने के लिए वॉशिंगटन पहुंचे हैं. 13 से 18 अप्रैल तक चलने वाली इन बैठकों में पाकिस्तान के लिए वित्तीय सहयोग पर चर्चा होने की संभावना है.
जानकारी के मुताबिक, यह दौरा केवल औपचारिक भागीदारी नहीं बल्कि व्यापक आर्थिक कूटनीति का हिस्सा है. संकेत मिल रहे हैं कि मौजूदा हालात में कर्ज की पारंपरिक शर्तों और तीसरे पक्ष की गारंटी जैसी बाधाओं का महत्व धीरे-धीरे कम हो सकता है. IMF ने पहले शर्त रखी थी.
इस शर्त के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रमुख द्विपक्षीय कर्जदाता सऊदी अरब, चीन और UAE अपनी जमा राशि तब तक बनाए रखेंगे जब तक तीन-वर्षीय कार्यक्रम पूरा नहीं हो जाता. हालांकि, हालिया घटनाक्रम इस बात के संकेत दे रहे हैं कि इस समीकरण में बदलाव संभव है.
UAE की जगह कतर की भूमिका मजबूत हो सकती है. वॉशिंगटन रवाना होने से पहले औरंगजेब ने इस्लामाबाद में सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल-जदान से मुलाकात की थी. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से भी बातचीत की थी.
पाकिस्तान को लगातार मिल रही सहायता दर्शाती है कि खाड़ी देश उसकी आर्थिक स्थिरता में रुचि बनाए हुए हैं. सऊदी अरब पहले से ही उसके लिए रियायती दरों पर वित्तपोषण का बड़ा स्रोत रहा है. उसने अपनी 5 अरब डॉलर की जमा राशि को आगे बढ़ाने का फैसला भी किया है.
इससे पाकिस्तान को तत्काल नकदी संकट से राहत मिली है. पाकिस्तान सरकार ने साफ किया है कि वो अप्रैल के अंत तक UAE का 3.5 अरब डॉलर का कर्ज चुका देगी. यह कर्ज साल 2018 से लगातार आगे बढ़ाया जा रहा था. अब इसे चुकाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं.
कुल मिलाकर, सऊदी अरब और कतर से मिलने वाली यह मदद पाकिस्तान के लिए सिर्फ आर्थिक राहत ही नहीं, बल्कि एक रणनीतिक समर्थन भी है, जो आने वाले समय में उसकी वित्तीय स्थिरता और वैश्विक भरोसे को मजबूत कर सकता है.
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