मिडिल ईस्ट की महाजंग लगातार भीषण होती जा रही है. बैक चैनल से सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही हैं, लेकिन अभी भी अमेरिका और इजरायल के हमले ईरान पर जारी हैं. ईरान भी काउंटर अटैक से नहीं चूक रहा है. इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद (MBS) से फोन पर बात की है.
शहबाज शरीफ ने इस जंग में सीजफायर पर बातचीत को लेकर इस्लामाबाद के प्रयासों के बारे में उन्हें बताया. पाकिस्तानी पीएम ने सऊदी प्रिंस से खुलकर कहा कि उनका मुल्क हमेशा उनके साथ है. इस्लामाबाद हमेशा सऊदी अरब और उसके भाईचारे वाले लोगों के साथ खड़ा रहेगा. हर मुश्किल घड़ी में पाकिस्तान ने सऊदी का साथ दिया है और भविष्य में भी समर्थन रहेगा.
दोनों राष्ट्र प्रमुख के बीच मौजूदा महायुद्ध से खाड़ी देशों और दुनिया की सुरक्षा के साथ स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावो पर भी चर्चा की.
खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा पाकिस्तान
मौजूदा जंगी हालात में पाकिस्तान खुद को प्रमुख मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है. प्रधानमंत्री शरीफ ने इसके संकेत दिए हैं. मंगलवार को सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा, 'पाकिस्तान मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों का स्वागत करता है और उन्हें पूर्ण समर्थन देता है.'
उन्होंने लिखा, 'वैश्विक शांति और स्थिरता के हित में यह पहल अत्यंत अहम है. अमेरिका और ईरान की सहमति के साथ, पाकिस्तान सार्थक और निर्णायक वार्ता को सुगम बनाने के लिए मेजबानी करने को तैयार है'. शहबाज शरीफ के इस पोस्ट को डोनाल्ड ट्रंप ने रिपोस्ट किया. इससे संकेत मिलते हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता हो सकती है.
दोनों मुल्कों के बीच है रक्षा समझौता
बता दें कि पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच आपसी रक्षा समझौता है. इस साझा रक्षा समझौते (Strategic Mutual Defence Agreement) के तहत दोनों मुल्कों में से यदि किसी एक देश पर हमला होता है तो उसे दोनों पर हमला माना जाएगा. पिछले साल रियाद के शाही महल ‘अल-यमामा पैलेस’ में मोहम्मद बिन सलमान और शहबाज शरीफ ने इस समझौते को अंतिम रूप दिया था.
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