ट्रंप को किम जोंग उन का सीधा चैलेंज! अपने परमाणु हथियारों पर कही बड़ी बात

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने संसद को दिए गए अपने भाषण में कहा कि उनकी देश अपनी परमाणु सेनाओं को स्थायी रूप से मजबूत करेगा और वो दक्षिण कोरिया को अपना सबसे बड़ा दुश्मन राज्य मानता है. उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों ने युद्ध को रोका है और देश को आर्थिक विकास, निर्माण और जीवन स्तर सुधार पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति दी है.

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किम जोंग उन ने नॉर्थ कोरिया की परमाणु नीति में किया बदलवा. (File photo: ITG) किम जोंग उन ने नॉर्थ कोरिया की परमाणु नीति में किया बदलवा. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • प्योंगयांग,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:19 AM IST

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने संसद (सुप्रीम पीपुल्स असेंबली) में अपने संबोधन में सुरक्षा और आर्थिक नीतियों पर जोर देते हुए देश की परमाणु नीति को और सख्त कर दिया है. उन्होंने अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को सीधा चैलेंज देते हुए कहा कि उनका देश परमाणु हथियार संपन्न राज्य के रूप में स्थायी और अपरिवर्तनीय है. अब वह अपने परमाणु बलों को स्थायी रूप से मजबूत करेंगे. किम ने ये भी कहा कि वो दक्षिण कोरिया को अपना सबसे बड़ा दुश्मन राज्य मानता है. साथ ही किम ने साल 2026 के बजट में रक्षा खर्च को कुल व्यय का 15.8% तक बढ़ा दिया है.

राज्य मीडिया केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, किम ने सोमवार को सुप्रीम पीपुल्स असेंबली को संबोधित किया. किम जोंग उन ने अपने भाषण में जोर देकर कहा कि परमाणु शक्ति बनाए रखते हुए विकास की राह पर चलना ही देश का सही रणनीतिक चुनाव है.

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'परमाणु हथियारों पर कोई समझौता नहीं'

उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें परमाणु निरस्त्रीकरण के बदले आर्थिक मदद या सुरक्षा गारंटी की बात कही जाती थी. उनके अनुसार, परमाणु हथियारों ने युद्ध को रोका है, जिससे देश को अपनी ऊर्जा आर्थिक विकास, निर्माण और लोगों के जीवन स्तर को सुधारने पर केंद्रित करने में मदद मिली है.

किम ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर कोरियाई प्रायद्वीप के पास सामरिक परमाणु संपत्तियों को तैनात करके क्षेत्र को अस्थिर करने का आरोप लगाया, लेकिन उन्होंने कहा कि अब उत्तर कोरिया खुद को खतरे में महसूस नहीं करता और जरूरत पड़ने पर दूसरों को धमकी देने की ताकत रखता है.

साउथ कोरियो को बताया सबसे बड़ा दुश्मन

दक्षिण कोरिया के प्रति अपनी दशकों पुरानी शांतिपूर्ण पुनर्मिलन की नीति को छोड़ते हुए किम ने अब उसे सबसे बड़ा दुश्मन करार दिया है. उन्होंने सियोल को चेतावनी दी कि यदि उत्तर कोरिया की संप्रभुता का उल्लंघन करने की कोई भी कोशिश की गई तो उसका जवाब बिना किसी हिचकिचाहट और संयम के 'बेरहमी' से दिया जाएगा.

विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव अब उत्तर कोरियाई कानून का हिस्सा बन चुका है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है.

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नई पंचवर्षीय विकास योजना पेश

सुरक्षा के साथ-साथ किम ने नई पंचवर्षीय विकास योजना के माध्यम से आर्थिक प्राथमिकताओं को भी रूपरेखा पेश की है.  इसमें उद्योग के आधुनिकीकरण, बिजली और कोयला उत्पादन में वृद्धि और राष्ट्रव्यापी आवास निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया गया है.

बजट में परमाणु युद्ध लड़ने की क्षमताओं के विस्तार के लिए विशेष रूप से फंड आवंटित किया गया है. इसी सत्र में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बधाई संदेश भी पढ़ा गया, जिन्होंने मॉस्को और प्योंगयांग के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का संकल्प लिया.

केसीएनए के अनुसार, संसदीय सत्र में संविधान में संशोधन को अपनाया गया और नई पंचवर्षीय आर्थिक योजना का समर्थन करने वाला कानून पारित किया गया.

वहीं, अंतरराष्ट्रीय आकलन के अनुसार, उत्तर कोरिया दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है, जिसकी अर्थव्यवस्था पर भारी प्रतिबंध लगे हुए हैं और वहां चीजों की लगातार कमी बनी रहती है, जिसके कारण इसकी अधिकांश आबादी राज्य द्वारा दिए जाने वाले राशन और अनौपचारिक बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता है.

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