उत्तर कोरिया की टीम विंटर ओलंपिक का हिस्सा बनने दक्षिण कोरिया पहुंची

इस समूह में 12 उत्तरी कोरियाई खिलाड़ी शामिल हैं जो अगले महीने के शीतकालीन ओलंपिक में दक्षिण कोरिया के प्योंग्चांग में एक संयुक्त महिला आइस हॉकी टीम बनाएंगे.

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उत्तर कोरियाई हॉकी टीम साउथ कोरिया पहुंची उत्तर कोरियाई हॉकी टीम साउथ कोरिया पहुंची

केशवानंद धर दुबे

  • सिऑल,
  • 25 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 5:47 PM IST

उत्तर कोरिया ने विंटर ओलंपिक खेलों की ट्रेनिंग का हिस्सा बनने के लिए गुरुवार को साउथ कोरिया का बोर्डर पार कर लिया है. उत्तर कोरिया के आधिकारिक प्रतिनिधित्व और आइस हॉकी खिलाड़ियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच साउथ कोरिया में कूच किया. उत्तर कोरिया के विंटर ओलंपिक में भागीदारी को दोनों देशों के रिश्तों में एकीकरण के नजरिये से देखा जा सकता है.

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इस समूह में 12 खिलाड़ी शामिल हैं जो अगले महीने के शीतकालीन ओलंपिक में दक्षिण कोरिया के प्योंग्चांग में एक संयुक्त महिला आइस हॉकी टीम बनाएंगे.

सीमा पर दक्षिण कोरियाई चेकपॉइंट के माध्यम से जाने के बाद, टीम सिऑल के करीब 90 किमी (56 मील) दक्षिण में जिंचॉन में एक राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र पहुंची. 

टीम ने उत्तर कोरिया के झंडे के सफेद, नीले रंग और लाल रंग में सर्दियों के जैकेट पहने थे, साथ ही शर्ट के पीछे "डीपीआर कोरिया" छपा हुआ था. डीपीआर का मतलब देश का आधिकारिक नाम, डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया है.

बता दें कि दो साल में दो कोरियाई देशों के बीच हुई पहली के दौरान हुए एक समझौते के तहत, दोनों टीम 9 फ़रवरी को खेलों के उद्घाटन समारोह में एकजुट जर्सी और यूनिफाइड प्रायद्वीप ध्वज के तहत मार्च का आयोजन करेंगी.

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दावोस, स्विट्जरलैंड में विश्व आर्थिक मंच से दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री कांगक्यूंग-व्हा ने एक साक्षात्कार में कहा कि हमें इसे सर्वश्रेष्ठ बनाने की जरूरत है.

1950-53 के संघर्ष के बाद उत्तर और दक्षिण कोरिया युद्ध में तकनीकी तौर पर बने रहे, कोरिया शांति संधि के बजाय दो भागों में बंटकर रह गया. पिछले साल तनाव बढ़ने के कारण किम जोंग उन के शासन ने खुद को बड़ा बनाने की मंशा में, एक परमाणु प्रयुक्त मिसाइल विकसित करने के उद्देश्य से खुद को विकसित किया है.

उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने गुरुवार को अपने बयान में कहा था कि कोरियाई प्रायद्वीप पर सैन्य तनाव, कोरियाई संबंधों और उनके एकीकरण के सुधार के लिए एक "मौलिक बाधा" था. 

विदेश मंत्री कांग ने कहा कि इस अभ्यास में देरी करने का प्रस्ताव "ओलंपिक खेलों की भावना" पर आधारित था.

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