रामनवमी के दिन नेपाल में बालेन शाह का राजतिलक... प्रधानमंत्री पद की ली शपथ

नेपाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है, जहां 35 साल के बालेन शाह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले लिया है. राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें संविधान के तहत नियुक्त किया. रैपर से नेता बने बालेन की पार्टी RSP को 275 में से 182 सीटें मिलीं, जिससे उन्हें साफ तौर पर बहुमत मिला.

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नेपाल में नई पीढ़ी की सियासत की एंट्री हो गई है. बालेन्द्र शाह नेपाल के सबसे युवा पीएम बन गए है. (Photo: PTI) नेपाल में नई पीढ़ी की सियासत की एंट्री हो गई है. बालेन्द्र शाह नेपाल के सबसे युवा पीएम बन गए है. (Photo: PTI)

पंकज दास

  • काठमांडू,
  • 27 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:29 PM IST

नेपाल में एक नया और बेहद दिलचस्प अध्याय शुरू हो गया है. नेपाल की सियासत में युवाओं की एंट्री हो गई है. शुक्रवार को 35 साल के राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के संसदीय दल के नेता बालेन शाह को नेपाल का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया. शुक्रवार को दोपहर 12:34 पर उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. वे नेपाल के इतिहास में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बन गए हैं. इसके साथ ही वे मधेस प्रांत से देश का नेतृत्व करने वाले पहले प्रधानमंत्री भी हैं.

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राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के नियमों के तहत बालेन को प्रधानमंत्री नियुक्त किया. शपथ समारोह राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में हुआ, जो काफी खास रहा. इसमें हिंदू और बौद्ध दोनों परंपराओं को मिलाया गया. सात ब्राह्मणों ने शंख बजाए, 108 युवा ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्र पढ़े और 107 लामाओं ने बौद्ध धर्मग्रंथों का पाठ किया.

बालेन की कहानी बेहद अनोखी है. कुछ साल पहले तक वे एक रैपर के तौर पर जाने जाते थे. फिर वे काठमांडू के मेयर बने और अपने काम से इतनी लोकप्रियता हासिल की कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी RSP ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया.

शपथ ग्रहण की तस्वीरें और वीडियो

नेपाल में 'बालेन' युग का आगाज (Photo: AP)
बालेन शाह शपथ लेने के पहले मेहमानों से मुलाकात करते हुए (Photo: Youtube/@Kantipur TV HD)

नेपाल की नई मंत्रिपरिषद का गठन: किसे मिला कौन सा मंत्रालय?

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नेपाल में नई मंत्रिपरिषद का गठन कर लिया गया है. कुल 14 मंत्रियों को विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनमें कई वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ महिला मंत्रियों को भी महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं.

वित्त और गृह की कमान वरिष्ठ नेताओं के हाथ

मंत्रिपरिषद में दूसरी वरीयता प्राप्त स्वर्णिम वाग्ले को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि तीसरी वरीयता पर रहे सुधन गुरुङ को गृह मंत्रालय सौंपा गया है. विदेश मंत्रालय का कार्यभार शिशिर खनाल को दिया गया है.

सुनिल लम्साल भौतिक पूर्वाधार, परिवहन तथा शहरी विकास मंत्रालय का नेतृत्व करेंगे. ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय विराजभक्त श्रेष्ठ को सौंपा गया है. संचार मंत्री के रूप में विक्रम तिमिल्सिना की नियुक्ति की गई है, वहीं पर्यटन मंत्रालय खड्कराज पौडेल उर्फ गनेश को दिया गया है.

शिक्षा और स्वास्थ्य

सस्मित पोखरेल को शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ-साथ युवा एवं खेलकूद मंत्रालय की दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है. स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय की बागडोर निशा मेहता के हाथों में होगी.

कृषि, पर्यावरण और महिला मामले

गीता चौधरी को कृषि और पशुपंक्षी विकास के साथ-साथ वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. महिला एवं बालबालिका मंत्रालय सीता वादी संभालेंगी.

प्रशासन, कानून और श्रम

प्रतिभा रावल सामान्य प्रशासन मंत्री बनाई गई हैं. कानून मंत्रालय सोविता गौतम को मिला है, जबकि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय दीपक साह (महोत्तरी) को सौंपा गया है.

नई मंत्रिपरिषद में पांच महिला मंत्रियों को जगह मिलना एक उल्लेखनीय पहलू है. अब देखना होगा कि यह सरकार नेपाल की विकास यात्रा को किस दिशा में आगे ले जाती है.

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चीन ने क्या कहा?

चीन की विदेश मंत्रालय ने नेपाल के नए प्रधानमंत्री को बधाई दी है. चीन ने कहा कि हम नेपाल की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में पूरा समर्थन करेंगे. नेपाल की नई सरकार के साथ व्यावहारिक सहयोग और गहरा करेंगे.

नेपाल चुनाव के परिणाम

हाल ही में हुए आम चुनाव में RSP ने जबरदस्त जीत दर्ज की. 275 सीटों वाली संसद में पार्टी ने 182 सीटें जीतीं, यानी पूरे बहुमत के साथ. यह चुनाव नेपाल में उस बड़े युवा आंदोलन के बाद हुआ था जिसमें लोगों ने पुरानी और भ्रष्ट राजनीति को बदलने की मांग की थी.

यह भी पढ़ें: स्वस्ति वाचन क्या है... जिसकी मंत्र ध्वनि के साथ नेपाल PM पद की शपथ लेंगे बालेंद्र शाह

बालेन ने खुद चुनाव में चार बार के प्रधानमंत्री रह चुके केपी शर्मा ओली को उनके ही गढ़ झापा-5 से बड़े अंतर से हरा दिया. यह जीत इस बात का सबूत थी कि नेपाल की जनता पुराने नेताओं से ऊब चुकी है.

अब बालेन 15 से 18 मंत्रियों का एक छोटा मंत्रिमंडल बनाने की तैयारी में हैं. नेपाल की नई पीढ़ी को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं.

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