अमेरिका को तीखी चेतावनी देते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने साफ कह दिया है कि अब खाड़ी इलाके की सुरक्षा ईरान खुद करेगा. मोजतबा ने सरकारी टीवी पर अपना संदेश जारी करते हुए सीधे शब्दों में कहा कि इस समुद्री रास्ते में अब दुश्मन की मनमानी और दखलंदाजी बिल्कुल नहीं चलेगी और इसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा. उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि 'फारस की खाड़ी में हरकत करने वाले बाहरी लोगों के लिए यहां कोई जगह नहीं है और जो बाज नहीं आया, उसे सीधे समंदर की गहराई में दफन कर दिया जाएगा.'
मोजतबा का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया, जिसमें नाकाबंदी हटाने की मांग की गई थी. दरअसल, ईरान ने शर्त रखी है कि जब तक यह नाकाबंदी खत्म नहीं होती, तब तक वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता नहीं खोलेगा. बता दें कि मार्च से ही यह रास्ता बंद है, जिसकी वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई ठप हो गई है और ग्लोबल इकोनॉमी पर बहुत बुरा असर पड़ा है.
नए सिस्टम से शांति लाने का दावा
खामेनेई ने अपने संदेश में कहा कि खाड़ी और होर्मुज के लिए अब एक नया दौर शुरू हो रहा है. उन्होंने भरोसा जताया कि इस इलाके के नए सिस्टम से न केवल शांति आएगी, बल्कि आसपास के देशों को आर्थिक फायदा भी मिलेगा. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि फारस की खाड़ी में अमेरिका की मौजूदगी ही असुरक्षा की सबसे बड़ी वजह है.
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अमेरिका के ठिकाने जब खुद की सुरक्षा नहीं कर पा रहे, तो वे दूसरों को क्या सुरक्षा देंगे. खास बात ये है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान पहले ही अमेरिका और इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए खाड़ी में कई कार्रवाइयां कर चुका है. वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी नाकाबंदी की वजह से ईरान के तेल कारोबार पर भी भारी दबाव बना हुआ है.
ऐसे माहौल में ईरान अब खाड़ी देशों के साथ तालमेल बढ़ाकर खुद को एक बड़ी ताकत के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है. इसी बीच ईरान के नेवी कमांडर ने एक ऐसे नए हथियार का नाम लिया है जिससे दुश्मन देश डरे हुए हैं. नतीजा ये रहा कि इसी ताकत के दम पर खामेनेई ने साफ कह दिया है कि जो लोग हजारों किलोमीटर दूर से आकर खाड़ी में दखल देते हैं, उनके लिए अब सिर्फ समंदर की गहराई ही बची है.
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