ईरान के नए सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) मोजतबा खामेनेई की हालिया तस्वीरों ने पूरी दुनिया में एक नई बहस छेड़ दी है. बीबीसी वेरिफाई (BBC Verify) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरानी मीडिया द्वारा प्रसारित की गई मोजतबा की नई तस्वीरें असली नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके बनाई गई या बदली गई हैं.
फैक्ट चेक और ऑनलाइन वेरिफिकेशन के विशेषज्ञ और बीबीसी के वरिष्ठ पत्रकारशायन सरदारीजादेह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस सच्चाई को उजागर किया है. उन्होंने बताया कि मोजतबा खामेनेई के नए आधिकारिक 'X' अकाउंट और ईरानी सरकारी मीडिया में जो तस्वीर धड़ल्ले से शेयर की जा रही है, उसमें AI हेरफेर के स्पष्ट संकेत मिले हैं.
सरदारीजादेह के अनुसार, गूगल के 'SynthID' टूल ने इस तस्वीर में ऐसे डिजिटल वॉटरमार्क पकड़े हैं जो यह साबित करते हैं कि इसे गूगल AI का उपयोग करके एडिट किया गया है.
पुरानी फोटो की एडिट
जांच में यह भी सामने आया कि यह कोई नई खींची गई फोटो नहीं है. यह तस्वीर ईरानी सरकारी मीडिया में व्यापक रूप से प्रसारित हुई और मोजतबा खामेनेई के नए बनाए गए सोशल मीडिया अकाउंट पर भी दिखाई दी.
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'रिवर्स इमेज सर्च' के जरिए पता चला कि यह मोजतबा की कई साल पुरानी एक तस्वीर है, जब वे एक सरकार समर्थक रैली में शामिल हुए थे. AI की मदद से उस पुरानी फोटो के बैकग्राउंड और आसपास खड़े लोगों को हटाकर इसे एक फ्रेश पोर्ट्रेट का रूप दे दिया गया है. दिलचस्प बात यह है कि मोजतबा का यह नया 'X' अकाउंट नीदरलैंड से संचालित बताया जा रहा है.
तस्वीरों के साथ इस छेड़छाड़ ने मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर अटकलों को और तेज कर दिया है. अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद इसी सप्ताह कार्यभार संभालने वाले मोजतबा अभी तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं. 28 फरवरी को जिस हमले में उनके पिता की मौत हुई थी, उसमें मोजतबा भी गंभीर रूप से घायल हुए थे.
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच स्थिरता दिखाने के लिए सरकार इस तरह के 'डिजिटल प्रोपेगेंडा' का सहारा ले रही है. सार्वजनिक रूप से सामने न आना और AI से बनाई गई तस्वीरों का उपयोग करना यह संकेत देता है कि पर्दे के पीछे स्थिति सामान्य नहीं है.
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