मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से दुनिया के सबसे जरूरी ऑयल रूट में से एक होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद हो गया है. यहां से जहाजों की आवाजाही कब सामान्य होगी, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता. ऐसे में भारत ने अपनी एनर्जी सप्लाई पक्की करने के लिए रूस के कच्चे तेल की खरीदारी बढ़ा दी है.
रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च का भारत का रूसी तेल का इंपोर्ट काफी तेजी से बढ़ा है. पिछले महीने के मुकाबले लगभग 50 फीसदी ज्यादा. शिप ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि भारत मार्च में हर दिन लगभग 15 लाख बैरल रूसी तेल खरीद रहा है. जबकि फरवरी में यह हर दिन 10 लाख बैरल था.
हालांकि, तेल की यह खरीदारी बढ़ने की दो वजहें हैं. पहली ये कि मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से भारत को रूस से बैन के बावजूद अमेरिका से कच्चा तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट मिली है और दूसरी मिडिल ईस्ट में जंग के कारण भारत को रूस जैसे दूसरे सोर्स की जरूरत है.
भारत अभी हर दिन लगभग 58 लाख बैरल कच्चा तेल इस्तेमाल करता है. इसमें से लगभग 88 फीसदी आयात होता है. इस आयात का एक बड़ा हिस्सा आमतौर पर सऊदी अरब, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे मिडिल ईस्ट के देशों से आता है. हालांकि, इनके जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हैं, जो फिलहाल बंद है.
होर्मुज का बंद होना बड़ी वजह
भारत अभी जो तेल आयात करता है, उसमें से लगभग हर दिन 25 से 27 लाख बैरल कच्चा तेल होर्मुज स्ट्रेट से ही गुजरता है. इसी रास्ते से 55 फीसदी LPG और 30 फीसदी LNG भी आती है.
केप्लर के एनालिस्ट सुमित रिटोलिया ने बताया कि मार्च में भारत से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए हर दिन लगभग 26 लाख बैरल कच्चा तेल आयात करने की उम्मीद थी. उन्होंने कहा कि रूस से हर दिन 10 से 12 लाख बैरल कच्चा तेल आ सकता है. इसका मतलब हुआ कि होर्मुज बंद होने से हर दिन लगभग 16 लाख बैरल की कमी होगी.
लेकिन LPG का क्या होगा?
घर में खाना बनाने के लिए जिस LPG की जरूरत होती है, उसका विकल्प तलाशना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. एनालिस्ट चेतावनी देते हैं कि क्रूड ऑयल की सप्लाई को कुछ हद तक मैनेज किया जा सकता है लेकिन अगर खाड़ी में दिक्कतें बनी रहीं तो LPG के लिए दूसरा विकल्प ढूंढना मुश्किल हो सकता है.
भारत हर दिन लगभग 10 लाख बैरल LPG इस्तेमाल करता है लेकिन घरेलू प्रोडक्शन से सिर्फ 40 से 45 फीसदी मांग ही पूरी होती है. बाकी 55-60 फीसदी आयात करना पड़ता है और इनमें से ज्यादातर होर्मुज से आता है. रिटोलिया के मुताबिक, भारत का लगभग 80-90 फीसदी LPG मिडिल ईस्ट से आता है.
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