मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब भी कई भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं. उन्हें जल्दी और सुरक्षित भारत लौटाने के लिए खास कोशिशें की जा रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 48 घंटों में गल्फ और पश्चिम एशिया के आठ देशों के नेताओं से बात की. उन्होंने हाल की हिंसा की निंदा की, क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जरूरत बताई और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद दिया.
इसी बीच, स्पाईसजेट ने यूएई से 4 मार्च को 8 विशेष फ्लाइट्स चलाने की योजना बनाई है. ये सभी उड़ानें फुजेराह एयरपोर्ट से उड़ेंगी. इसमें दिल्ली के लिए 4 फ्लाइट्स, मुंबई के लिए 3 फ्लाइट्स और कोच्चि के लिए 1 फ्लाइट शामिल है. 3 मार्च को भी स्पाइसजेट ने चार विशेष फ्लाइट्स चलाई थीं, जिससे फंसे हुए लोग दिल्ली, मुंबई और कोच्चि पहुंच सके.
साथ ही, सऊदी एयरलाइन्स की जेद्दा फ्लाइट SV756 दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर उतरी. जेद्दा मक्का का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है, इसलिए कई भारतीय मुस्लिम तीर्थयात्री इसी मार्ग से भारत लौटते हैं. इसी तरह, इंडिगो की चार विशेष फ्लाइट्स भी जेद्दा से उड़कर तीन शहरों-दिल्ली, मुंबई और कोच्चि में उतरीं.
सरकार ने बताया कि 4 मार्च को भारतीय एयरलाइनों के कुल 58 फ्लाइट्स चलने की योजना है। इसमें 30 उड़ानें इंडिगो, 23 उड़ानें एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्स्प्रेस के माध्यम से चलेंगी. विदेशी एयरलाइनों ने भी कुछ सीमित उड़ानों का संचालन किया है.
बता दें कि मिडिल ईस्ट संकट की वजह से अब तक 1,221 उड़ानें भारतीय एयरलाइनों द्वारा रद्द और 388 उड़ानें विदेशी एयरलाइनों द्वारा रद्द की गई हैं. पिछले तीन दिनों में कुल 1,117 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.
मंत्रालय ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे जरूरी है. सभी एयरलाइनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों को समय पर जानकारी दें, टिकट रिफंड और बदलाव में मदद करें. यात्रियों से अपील की गई है कि वे फ्लाइट का स्टेटस अपने एयरलाइन की वेबसाइट या आधिकारिक सोर्स से ही चेक करें.
सिविल एविएशन मंत्रालय और भारतीय मिशन लगातार एयरलाइनों और विदेशी हवाई अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से भारत लौटाया जा सके.
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