ईरान पर अमेरिका और इजरायल की जंग लगातार बढ़ती जा रही है. कई देश इस हमले को लेकर अमेरिका और इजरायल की आलोचना कर चुके हैं. इनमें कुछ यूरोपीय देश भी हैं. हाल ही में स्पेन ने इन हमलों की आलोचना की थी और अब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी खुलकर इसकी कड़ी निंदा की है.
मेलोनी ने इस युद्ध की आलोचना करते हुए इसे 'खतरनाक ट्रेंड' का हिस्सा बताया है. उन्होंने यह बयान संसद में दिया. उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब विपक्ष बार-बार उन पर अमेरिका-इजरायल के प्रति नरमी बरतने का आरोप लगा रहा है.
मेलोनी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच अच्छे रिश्ते हैं, इसलिए भी उन पर ऐसे आरोप लग रहे हैं. अब तक स्पेन ने ही खुलकर इस हमले की निंदा की थी. ज्यादातर यूरोपीय देशों ने इन हमलों की सीधी आलोचना करने की बजाय दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.
हालांकि, अब मेलोनी ने अमेरिका और इजरायल के हमलों की निंदा की है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि इससे इंटरनेशनल फ्रेमवर्क खत्म हो जाएगा, जिसे ग्लोबल सिक्योरिटी पर बड़ा असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि इससे इटली और यूरोप पर ईरान से संभावित न्यूक्लियर खतरा बढ़ जाएगा.
प्रधानमंत्री मेलोनी ने संसद को संबोधित करते हुए मिडिल ईस्ट जंग और यूक्रेन पर रूस के हमले की तुलना करते हुए कहा कि इससे दुनियाभर में बड़ी अस्थिरता पैदा हुई. उन्होंने कहा, 'इंटरनेशनल सिस्टम के ढांचे में खतरे लगातार डरावने होते जा रहे हैं और इंटरनेशनल कानून के दायरे से बाहर एकतरफा दखल बढ़ रहे हैं और इसमें हमें ईरानी शासन के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली हमले को भी रखना चाहिए.'
मेलोनी ने कहा कि इटली, ईरान हमलों से प्रभावित खाड़ी देशों को एयर डिफेंस सिस्टम दे रहा है. उन्होंने कहा कि यह इसलिए नहीं दे रहा, क्योंकि ये इटली के दोस्त या स्ट्रेटेजिक पार्टनर हैं, बल्कि इसलिए भी क्योंकि उस इलाके में हजारों इटैलियन नागरिक हैं, जिनकी हमें सुरक्षा करनी है. उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में लगभग 2 हजार इटैलियन सैनिक भी तैनात हैं.
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