पंजाब की सरकारी कॉलेज प्रिंसिपल नीरू गर्ग के लिए दुबई की छुट्टियां उस समय डरावने अनुभव में बदल गईं, जब ईरान के हमलों के बाद एयरस्पेस बंद हो गया और वह अपने परिवार सहित शारजाह में फंस गईं. उनके पास नकदी और जरूरी दवाइयां भी खत्म हो चुकी हैं. बठिंडा के एसएसडी गर्ल्स कॉलेज की प्रिंसिपल गर्ग ने केंद्र सरकार से तुरंत मदद की अपील की है ताकि उन्हें और अन्य भारतीय यात्रियों को सुरक्षित वापस लाया जा सके.
गर्ग और अन्य भारतीय यात्रियों ने बताया कि वे शारजाह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर फंस गए. उन्होंने कहा, 'हमने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं, लेकिन 1:30 बजे सिक्योरिटी चेक पर हमें 2:30 बजे आने को कहा गया. फिर 2 बजे बताया गया कि सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.' उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने एयरपोर्ट अधिकारियों से ठहरने की व्यवस्था के बारे में पूछा तो कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई.
उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में कहा, 'यह पांच दिन की यात्रा थी और चूंकि शनिवार को आखिरी दिन था, हम अमृतसर के लिए बुक इंडिगो की फ्लाइट से लौटने की तैयारी में अपना सारा दिरहम खर्च कर चुके थे.'
यात्रियों में दहशत, मदद मांग रहे
गर्ग ने कहा, 'हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि हमारी बात सुनी जाए. कई यात्री फंसे हैं, दहशत है. लोग परेशान हैं, कई बीमार हैं, लेकिन यहां कोई हमारी नहीं सुन रहा.' रविवार को शेयर एक और वीडियो में उन्होंने बताया कि शनिवार रात 10 बजे उन्हें एयरपोर्ट छोड़ने को कहा गया और अनजान जगह पर एयरलाइन की ओर से कोई सही जानकारी नहीं मिली.
महंगे होटल में ठहरना पड़ा
उन्होंने कहा, 'हम शनिवार को आधे घंटे एयरपोर्ट के बाहर बैठे रहे और समझ नहीं आ रहा था क्या करें. होटल देखे तो सभी भरे थे. फिर 20 किमी दूर एक होटल बहुत महंगे दाम पर मिला.'
उन्होंने बताया, 'आज हमें होटल से चेक-आउट करने को कहा गया है. समझ नहीं आ रहा आगे क्या करें. हमारे पास नकदी खत्म हो गई है. जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हैं. यहां कोई मार्गदर्शन नहीं दे रहा.'
दूतावास से संपर्क नहीं हो पाया
गर्ग ने दावा किया कि यूएई में भारतीय दूतावास के टोल-फ्री नंबर पर संपर्क की कोशिश बेकार रही. शारजाह एयरपोर्ट पर फंसे एक अन्य भारतीय यात्री ने कहा कि टेक-ऑफ से करीब एक घंटे पहले यात्रियों को उड़ान रद्द होने की जानकारी दी गई. उस यात्री ने कहा, 'हम भारतीय दूतावास से अपील करते हैं कि हम फंसे हुए हैं. हमारा वीजा खत्म हो गया है, इसलिए बाहर नहीं जा सकते. लोगों को डर है कि वे यहां से निकल पाएंगे या नहीं.' एक अन्य यात्री ने भी भारत सरकार से सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करने की मांग की.
विदेश मंत्रालय की सलाह
मध्य पूर्व में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण उड़ानें रद्द होने के मद्देनजर विदेश मंत्रालय ने रविवार को भारत में फंसे विदेशी नागरिकों को सलाह दी कि वे वीजा विस्तार या अपने ठहराव को नियमित कराने के लिए नजदीकी विदेशी क्षेत्रीय रजिस्ट्रेशन कार्यालय से संपर्क करें.
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