माली में एक बड़ा और खतरनाक हमला हुआ. अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन और तुआरेग विद्रोहियों ने मिलकर देश के कई हिस्सों पर एक साथ हमला किया. इस हमले में देश के रक्षा मंत्री सादियो कैमारा की जान चली गई. यह हमला इतना बड़ा था कि पूरी दुनिया की नजरें माली पर टिक गई हैं.
इन दोनों ने मिलकर एक साथ कई जगहों पर हमला किया. यह हमला कई सालों में सबसे बड़ा और सबसे संगठित हमला बताया जा रहा है. राजधानी बामाको के पास, सोने की खदानों वाले इलाकों में और देश के अलग-अलग हिस्सों में सब जगह एक साथ हमले हुए.
फ्रांस के रेडियो चैनल RFI ने रिपोर्ट किया कि JNIM के आतंकियों ने बामाको के बाहर स्थित काटी मिलिट्री बेस पर हमला किया. यह वही जगह है जहां माली के रक्षा मंत्री सादियो कैमारा रहते थे. उनके घर पर हमला हुआ और इस हमले में उनकी मौत हो गई.
रविवार को क्या हुआ?
हमला सिर्फ शनिवार तक नहीं रुका. रविवार को भी राजधानी के पास एक सैनिक छावनी में गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं. रॉयटर्स के एक पत्रकार ने खुद यह रिपोर्ट किया.
किडाल शहर का क्या हुआ?
माली में किडाल एक बहुत अहम शहर है. यह उत्तर में है और लंबे समय से सरकार और विद्रोहियों के बीच लड़ाई का केंद्र रहा है. विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने किडाल शहर को सरकारी फौज से वापस छीन लिया है. हालांकि, इस दावे की अभी पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई है.
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कितने लोग मरे?
अभी तक मरने और घायल होने वालों की पूरी संख्या सामने नहीं आई है. हालात अभी भी बदल रहे हैं और जानकारी आना बाकी है.
यह हमला इतना बड़ा क्यों है?
यह हमला इसलिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि पहले आतंकी दूर-दराज के इलाकों में हमले करते थे. लेकिन इस बार उन्होंने राजधानी बामाको के करीब और एक सैनिक अड्डे पर हमला किया. रक्षा मंत्री जैसे बड़े नेता को निशाना बनाया गया. कई जगहों पर एक साथ हमला हुआ जो यह दिखाता है कि यह बहुत सोची-समझी और बड़ी योजना थी.
माली कहां है और क्या है पूरा मामला?
माली पश्चिमी अफ्रीका का एक देश है. यहां कई सालों से आतंकी संगठन और विद्रोही गुट सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं. माली में फिलहाल फौजी सरकार है यानी सेना ने सत्ता संभाली हुई है. इस सरकार के खिलाफ दो बड़े दुश्मन हैं. एक है JNIM, जो अल-कायदा से जुड़ा आतंकी संगठन है, और दूसरे हैं तुआरेग विद्रोही, जो उत्तरी माली में अपनी अलग सत्ता चाहते हैं.
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