लेबनान की पूर्वी बेका घाटी में इजरायल के हवाई हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और 24 लोग घायल हो गए. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. घायलों में तीन बच्चे भी शामिल हैं. इससे पहले दिन में एक फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविर पर हुए इजरायली हमले में दो अन्य लोगों की मौत हो गई.
इजरायल ने कहा कि उसने बेका घाटी में लेबनानी उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह के 'कमांड सेंटर' को निशाना बनाया. हालांकि हिजबुल्लाह की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. स्थानीय टीवी फुटेज में दिखा कि हमले की चपेट में आया स्थान एक अपार्टमेंट बिल्डिंग जैसा लग रहा था. मौके पर बचाव दल आग बुझाने और मलबे में फंसे लोगों को तलाशने के लिए पहुंचे.
हमास के 'कमांड सेंटर' पर हमले का दावा
इससे पहले शुक्रवार को बंदरगाह शहर सैदा के एक फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविर पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई. इजरायली सेना ने कहा कि उसने ऐन अल-हिलवे कैंप में हमास के 'कमांड सेंटर' पर हमला किया. हमास ने स्वीकार किया कि हमले में उसके दो सदस्य मारे गए, लेकिन कमांड सेंटर को निशाना बनाने के दावे को 'कमजोर बहाना' बताया.
संगठन ने कहा कि जिस इमारत को निशाना बनाया गया वह विभिन्न फिलिस्तीनी गुटों की संयुक्त सुरक्षा इकाई की थी, जिसका काम शिविर में सुरक्षा बनाए रखना है. 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में इजरायल पर हुए हमले के बाद गाजा में युद्ध शुरू हुआ. इसके बाद हिजबुल्लाह ने हमास और फिलिस्तीनियों के समर्थन में लेबनान से इजरायल पर रॉकेट दागने शुरू किए.
सितंबर 2024 में हुआ था युद्ध
इजरायल ने इसके जवाब में हवाई हमले और गोलाबारी की. यह सीमित संघर्ष सितंबर 2024 में व्यापक युद्ध में बदल गया, जिसे दो महीने बाद अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम से कुछ हद तक रोका गया, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ.
तब से इजरायल का आरोप है कि हिजबुल्लाह फिर से अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और इसी कारण वह लेबनान में लगभग रोज हमले कर रहा है. दूसरी ओर, युद्धविराम के बाद हिजबुल्लाह ने इजरायल पर केवल एक हमले का दावा किया है.
aajtak.in