कोरोना का कहर झेल चुके इटली में इस महामारी की दूसरी लहर का खतरा बढ़ गया है. एहतियातन प्रशासन ने मिलान, तुरीन जैसे शहरों में रेस्तरां, कैफे को जल्द बंद करने का आदेश दिया है और सिनेमा, जिम और मनोरंजन के दूसरे साधनों को बंद कर दिया है.
हालांकि इटली की जनता लॉकडाउन के नए नियमों का विरोध कर रही है. उत्तरी इटली के शहर तुरीन में सरकारी प्रतिबंधों का विरोध करते हुए भीड़ हिंसक हो गई. प्रदर्शनकारियों ने एक शॉपिंग स्ट्रीट में जमकर उत्पात मचाया, उन्होंने शीशे तोड़ दिए, बम फेंके और पुलिस पर शीशे की बोतलों से हमला कर दिया.
बता दें कि 8 अक्टूबर से इटली में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है. 8 अक्टूबर को इटली में कोरोना वायरस के 4458 मामले सामने आए. इसके बाद इसमें लगातार बढ़ोतरी होती गई. 24 अक्टूबर को इटली में कोरोना के मामलों की संख्या 19 हजार को पार कर गई. 25 अक्टूबर को कोरोना केस की संख्या 21 हजार थी. 26 अक्टूबर को यहां कोरोना के मामलों की संख्या 17 हजार दर्ज की गई.
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कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने नए प्रतिबंधों की घोषणा की, लेकिन इन प्रतिबंधों पर इटली की जनता भड़क उठी.
इटली की व्यावसायिक राजधानी मिलान में भी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया. दरअसल यहां प्रशासन ने आदेश दिया है कि बार, कैफे और रेस्तरां अगले 30 दिनों के लिए शाम 6 बजे के बाद बंद हो जाएंगे. स्थानीय लोगों ने इसका पुरजोर विरोध किया. बता दें कि इटली में रात का खाना कम से कम 7.30 शाम से लोग खाना शुरू करते हैं, लेकिन प्रशासन के आदेश के बाद इस पर रोक लग गया है. इटली में इसका विरोध हो रहा है.
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