इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत में एक कई सटीक हमला किया, जिसमें ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कुर्द्स फोर्स के लेबनान कोर के प्रमुख कमांडरों को निशाना बनाया गया. इन हमलों में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हुए हैं. आईडीएफ के अनुसार, ये हमला उन कमांडरों पर किया गया जो बेरूत में सक्रिय थे और इजरायल तथा उसके नागरिकों के खिलाफ आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे.
आईडीएफ ने बयान जारी कर कहा कि कुर्द्स फोर्स का लेबनान कोर हिज्बुल्लाह आतंकी संगठन और ईरानी शासन के बीच कड़ी का काम करता है. ये कोर हिजबुल्लाह की ताकत बढ़ाने, हथियार सप्लाई और नेतृत्व के बीच संपर्क बनाए रखने का काम करता है. ये कमांडर ईरान में IRGC के लिए काम करने के साथ-साथ इजरायल पर हमलों की योजना भी बना रहे थे.
लेबनान में नहीं जमाने देंगे पैर
इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह ईरानी शासन के तत्वों को लेबनान में पैर जमाने की अनुमति नहीं देगा और उनके खिलाफ सटीक कार्रवाई जारी रखेगा.
IDF ने ईरानी शासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह ईरान और लेबनान दोनों जगह जानबूझकर नागरिक आबादी के बीच से अपना नेटवर्क संचालित करता है.
हमले से पहले दी चेतावनी
सेना के मुताबिक, आतंकी उद्देश्यों को पूरा करने के लिए नागरिकों का 'मानव ढाल' के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. इजरायल ने दावा किया कि होटल पर हमले से पहले नागरिकों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सटीक गोला-बारूद और हवाई निगरानी जैसे कदम इस्तेमाल किया गया थे.
आईडीएफ ने कहा कि वह ईरानी शासन के तत्वों को लेबनान में जमने नहीं देगा और जहां भी वो सक्रिय होंगे, वहां सटीक तरीके से उनका सफाया जारी रखेगा.
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया बयान
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बेरूत के रौशे इलाके में समुद्र तट के पास स्थित रामादा होटल की एक अपार्टमेंट में हुए इस हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हुए.
मंत्रालय का कहा है कि इस होटल में दक्षिणी लेबनान और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों से विस्थापित लोग रह रहे थे और हमले के बाद कई लोग आगे के हमलों के डर से इमारत छोड़कर भाग गए.
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