ग्राउंड रिपोर्ट: लेबनान बॉर्डर के पास वॉर जोन में गूंजा 'नमस्ते', इजरायल की सुनसान सड़क पर मिला भारतीय अपनापन

इजरायल के उत्तरी शहर 'सफेद' में युद्ध कवरेज के दौरान मेरी मुलाकात पंजाब के रहने वाले जसबीर नाम के युवक से हुई. लेबनान सीमा के करीब स्थित इस इलाके में सुबह की दौड़ के दौरान सुनसान सड़क पर मिले जसबीर ने सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया. एक साधारण ‘नमस्ते’ और छोटी-सी बातचीत ने तनावपूर्ण माहौल में आत्मविश्वास और सुकून का एहसास कराया.

Advertisement
इजरायल में पंजाब के जसबीर ने बढ़ाया हौसला (Photo: ITG) इजरायल में पंजाब के जसबीर ने बढ़ाया हौसला (Photo: ITG)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 04 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:36 PM IST

इजरायल और लेबनान की सरहद से बस 12 किलोमीटर दूर, एक तनाव में डूबे शहर की सुनसान सड़क पर, मैं सुबह-सुबह दौड़ रही थी और तभी एक आवाज़ आई 'नमस्ते, मैम!' यह आवाज पंजाब से आए एक भारतीय की थी. इस एक पल ने पूरी सुबह बदल दी.

मैं पिछले हफ्ते इजरायल में थीं. यह मेरी छह दिन की युद्ध कवरेज थी, जहां हर दिन किसी नई जगह जाना था, हर दिन तनाव था और समय बेहद कम था.

Advertisement

इस दौरे में मेरा एक पड़ाव था उत्तरी इजराइल का खूबसूरत शहर सफेद. यह शहर समुद्र तल से करीब 3000 फुट ऊंचाई पर बसा है. चारों तरफ पहाड़ हैं, और पास में है गलील सागर. इजराइल की राजधानी तेल अवीव से यह करीब 170 किलोमीटर दूर है.

सफेद एक शांत और सुंदर जगह है, लेकिन इन दिनों इसमें एक अजीब बेचैनी है. वजह यह है कि लेबनान की सरहद यहां से सिर्फ 12 किलोमीटर दूर है. इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच उत्तरी मोर्चे पर तनाव बढ़ रहा था. इसलिए शहर में डर और अनिश्चितता का माहौल था.

मैं पहले भी इजरायल आ चुकी हूं. साल 2025 में जब ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन का युद्ध हुआ था, तब वो तेल अवीव, बेर शेवा, अशदोद और हाइफा जैसी जगहें कवर कर चुकी हूं. उस वक्त सफेद नहीं जा पाई थीं. इस बार वो वापस लौटीं और सफेद मेरी लिस्ट में था.

Advertisement

सुबह की दौड़ और सुनसान शहर

मैं एक मैराथन रनर हूं. मेरे लिए सुबह की दौड़ सिर्फ कसरत नहीं, बल्कि दिमाग और दिल को ताज़ा करने का तरीका है. चाहे कितनी भी मुश्किल कवरेज हो, यह आदत मैं नहीं छोड़तीं.

सफेद में मुझे सुबह 8 बजे सरहद की तरफ निकलना था. मैंने सोचा कि पहले दौड़ लेती हूं. सुबह 5:30 बजे उठीं और होटल के बाहर सड़क पर निकल पड़ी.

शहर बिल्कुल सुनसान था. एक भी इंसान सड़क पर नहीं था. इजरायल वैसे भी छोटा देश है, करीब 1 करोड़ की आबादी, तो शहर कभी बहुत भीड़-भाड़ वाले नहीं होते. लेकिन उस सुबह सफेद की सड़कें एकदम खाली थी.

मेरे लिए जगह नई थी, इलाका अनजान था और सरहद पास थी. फिर भी मैं दौड़ती रहीं, आंखें हर तरफ रखते हुए.

सड़क के किनारे मकान थे, ढलवां छतों वाले, खूबसूरत. दरवाजों पर आधुनिक डिजिटल ताले लगे थे, सब बंद. चारों तरफ हरियाली थी, हवा एकदम साफ थी. AQI यानी हवा की गुणवत्ता 50 थी, जो बहुत अच्छा माना जाता है. आसमान नीला था, बादल सफेद, मैदान हरे, चिड़ियों की आवाजें. सब कुछ खूबसूरत था, लेकिन दिल में थोड़ा डर भी था.

यह भी पढ़ें: हिजबुल्लाह पर बैन, सिक्योरिटी जोन... लेबनान में सीजफायर अब लागू करेगा इजरायल

Advertisement

नमस्ते की वो आवाज

करीब एक किलोमीटर दौड़ने के बाद अचानक एक जोरदार और गर्मजोशी भरी आवाज आई: "नमस्ते!"

मैं रुक गई. देखा तो सामने एक भारतीय नौजवान था, जो उनके जैसा ही कैजुअल कपड़ों में था, टी-शर्ट, पायजामा और पीठ पर बैग. वो सड़क के दूसरी तरफ से आ रहा था.

मैंने भी उतने ही दिल से नमस्ते किया और मुस्कुराई. एक अनजान देश में, सुनसान सड़क पर, उस जंग की बेचैनी के बीच, एक जाना-पहचाना चेहरा मिलना बड़ी राहत की बात थी.

फिर उसने हिंदी में पूछा: "मैम, आप इंडिया से हो?"

मैंने खुशी से हां किया. बताया कि मैं यहां युद्ध की कवरेज के लिए आई हैं.

उसने कहा, "मैं यहां काम करता हूं."

मैंने नाम पूछा तो बोला: "मैं जसबीर हूं, पंजाब से."

फिर मैंने ने एक जरूरी सवाल किया: क्या इन सुनसान पहाड़ी सड़कों पर दौड़ना सुरक्षित है?

जसबीर का जवाब था: "मैम, यहां कोई चिंता की बात नहीं है. यहां सब सेफ है. आप आराम से जाओ."

उस नमस्ते ने दौड़ बदल दी

मैंने जसबीर को धन्यवाद दिया और दोबारा दौड़ना शुरू किया. लेकिन अब दौड़ अलग थी. जसबीर की उस छोटी सी बात ने, उस "सब सेफ है" ने, मेरे अंदर एक नई ऊर्जा भर दी. जैसे मैराथन के बीच में रनर को एनर्जी जेल मिलती है और वो फिर तेज़ दौड़ने लगता है, वैसे ही मेरी रफ्तार बढ़ गई.

Advertisement

अब मैं दौड़ते-दौड़ते नीले आसमान को देख रही थीं, सफेद बादलों को, हरे मैदानों को, सूरज की नरम धूप को और चिड़ियों की चहचहाहट को. सब कुछ खूबसूरत लग रहा था. मेरे लिए ये जिंदगी की सबसे बेहतरीन दौड़ों में से एक रही.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »