इजरायल ने दावा किया है कि एक एयरस्ट्राइक में ईरानी सेना के एलिट फोर्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के नेवी चीफ अलीरेजा तंगसीरी मारे गए हैं. यह स्ट्राइक ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास पर की गई जिसमें तंगसीरी की मौत का दावा किया जा रहा है.
इजरायल के रक्षा सूत्रों ने बताया कि तंगसीरी की हत्या के पीछे इजरायली सेना आईडीएफ का हाथ था. उन्होंने बताया कि हमले में तंगसीरी के साथ उनके कई प्रमुख सहयोगी भी मारे गए हैं.
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने भी तंगसीरी के मारे जाने की पुष्टि की. काट्ज ने कहा कि तंगसीरी ने ही होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बंद कर रखी है और बारूदी सुरंग बिछाने वाली 'आतंकी कार्रवाई' के लिए भी वो सीधे तौर पर जिम्मेदार थे.
उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा के दौरान कहा, 'यह हमारे अमेरिकी साझेदारों के लिए भी एक महत्वपूर्ण घटना है, क्योंकि इससे यह साफ होता है कि आईडीएफ ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद की है.'
कितने ताकतवर थे अलीरेजा तंगसीरी जिन्हें इजरायल ने मारने का किया दावा
अलीरेजा तंगसीरी IRGC के सबसे आक्रामक और कट्टर कमांडरों में से एक थे. सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अगस्त 2018 में उन्हें IRGC नेवी का प्रमुख नियुक्त किया था. इससे पहले वो IRGC की नौसेना में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके थे.
उन्होंने फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के समुद्री प्रभुत्व को बनाने और उसे मजबूत करने का काम किया था. वो लगातार ये कहा करते थे कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का पूरा नियंत्रण है और अगर जरूरत पड़ी तो वे इसे बंद कर सकते हैं. होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का एक अहम समुद्री रास्ता है जिसके जरिए खाड़ी देश अपना तेल और गैस सप्लाई करते हैं. यहां से विश्व की तेल आपूर्ति का करीब 20-30% गुजरता है.
तंगसीरी ने हाल के सालों में अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों के जहाजों को चेतावनी दी कि बिना ईरान की इजाजत के होर्मुज से कोई जहाज नहीं गुजर सकेगा. उन्होंने IRGC की स्पीडबोट्स, मिसाइलें, ड्रोन और पनडुब्बियों के जरिए क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी का दावा किया.
अमेरिका ने घोषित किया था वैश्विक आतंकी
अमेरिका ने उन्हें 2019 में स्पेशली डिजाइनेटेड ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कर प्रतिबंध लगा दिए थे. बाद में ड्रोन विकास से जुड़ी कंपनियों में उनकी भूमिका के कारण और प्रतिबंध लगे. वो खुलकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बयान देते थे. जंग के दौरान हाल ही में उन्होंने दावा किया कि IRGC नेवी ने अमेरिकी-इजरायली एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे.
पिछले हफ्ते उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की धमकी दी थी. उन्होंने नागरिकों और कर्मचारियों को इन इलाकों से दूर रहने की चेतावनी दी थी.
तब तंगसीरी ने कहा था, 'हमारी टारगेट लिस्ट अपडेट हो चुकी है. अमेरिका से जुड़े तेल ठिकाने अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के बराबर हैं और उन पर पूरी ताकत के साथ हमला किया जाएगा.'
तंगसीरी ईरान के उस युद्धनीति का प्रतीक थे जो छोटी नौकाओं, स्वचालित ड्रोन से लड़ा जाता है. वो लगातार और जोरदार हमलों पर भरोसा करते थे. उनकी मौत, जैसा कि दावा किया जा रहा है, ईरान-इजरायल संघर्ष में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट ईरान की सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत मानी जाती है.
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