मध्य पूर्व में एक बार फिर बड़ा सैन्य तनाव भड़क उठा है. इजरायल ने ईरान के खिलाफ प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक यानी एहतियाती हमले शुरू करने का ऐलान किया है, जिसे लेकर क्षेत्रीय हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं. तेहरान में कई धमाके सुने गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान के अलावा इस्फहान, कराज और करमानशाह में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं. हमले के बाद ईरान ने कहा कि इस हमले का करारा जवाब दिया जाएगा.
इजरायल में हमले की आशंका के बीच सायरन बजने लगे और लोगों को सुरक्षित कमरों के पास रहने का निर्देश दिया गया. इजरायल में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है. इजरायल-ईरान ने अपना एयरस्पेस भी बंद कर सभी नागरिक उड़ानें रद्द कर दी हैं. वहीं, कतर में अमेरिकी दूतावास ने भी एहतियातन शेल्टर-इन-प्लेस गाइडलाइंस लागू कर दी हैं. इस ताजा घटनाक्रम ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहे कूटनीतिक प्रयासों को और कमजोर कर दिया है और बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है. इजरायल की तरफ से ईरान पर किए जा रहे इस ऑपरेशन को "शील्ड ऑफ जूदा" नाम दिया गया है.
1. ईरान पर प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक, कई शहरों में धमाके
इजरायल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ "प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक" शुरू करने का ऐलान किया, जिससे मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब तेहरान और पश्चिमी देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से गतिरोध बना हुआ है.
ईरानी मीडिया के मुताबिक राजधानी तेहरान के उत्तर और पूर्वी इलाकों में जोरदार धमाके सुने गए. इसके अलावा इशफहान, कराज और करमेनशाह में भी विस्फोटों की खबर है. ईरान की अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसी फारस ने इन धमाकों की पुष्टि की है, हालांकि नुकसान या हताहतों को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
यह हमला पिछले साल जून में हुए 12 दिन के हवाई संघर्ष के बाद सबसे बड़ा सैन्य कदम माना जा रहा है. इजरायल और अमेरिका पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि अगर ईरान अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाता रहा तो आगे की कार्रवाई की जाएगी.
2. क्या यह संयुक्त अमेरिका-इजरायल ऑपरेशन है?
इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक एक सुरक्षा सूत्र ने दावा किया है कि ईरान पर जारी हमला अमेरिका और इजरायल का संयुक्त ऑपरेशन है. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हमले के संभावित लक्ष्यों में एक ईरानी राष्ट्रपति से जुड़ी सुविधा भी शामिल हो सकती है. ईरानी विपक्षी सोर्सेज के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि कुछ शीर्ष ईरानी नेताओं के घरों को निशाना बनाया गया है. रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि इन हमलों का उद्देश्य उन ठिकानों को तबाह करना है, जहां से ईरान इजरायल पर मिसाइल या ड्रोन हमले कर सकता है.
3. इजरायल में सायरन, लोगों को ‘सेफ रूम’ के पास रहने का आदेश
हमले की घोषणा के साथ ही इजरायल के कई हिस्सों में एयर रेड सायरन बजने लगे. सेना ने इसे "प्रोएक्टिव अलर्ट" बताया है, ताकि नागरिक संभावित मिसाइल हमले के लिए तैयार रहें.
अब तक इजरायल पर किसी मिसाइल हमले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लोगों को सुरक्षित कमरों (सेफ रूम) के पास रहने का निर्देश दिया गया है.
आईडीएफ के होम फ्रंट कमांड ने ताजा आकलन के बाद पूरे देश में कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं. सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं. सार्वजनिक समारोह और भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं. गैर-जरूरी कार्यस्थल बंद कर दिए गए हैं. केवल आवश्यक सेवाओं को काम करने की अनुमति दी गई है. सरकार ने नागरिकों से निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है.
4. इजरायल-ईरान ने एयरस्पेस बंद किया, सभी उड़ानें रद्द
ईरान पर हमले के साथ ही इजरायल ने अपना एयरस्पेस नागरिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया है. परिवहन मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि “अगली सूचना तक एयरपोर्ट न आएं.” बेनगुरियन एयरपोर्ट से सभी नागरिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. विदेश में मौजूद इजरायली नागरिकों से कहा गया है कि वे मीडिया और अपनी एयरलाइंस से अपडेट लेते रहें. सरकार ने कहा है कि जैसे ही सुरक्षा स्थिति सामान्य होगी, एयरस्पेस दोबारा खोला जाएगा और उड़ानों की बहाली से 24 घंटे पहले सूचना दी जाएगी. इनके अलावा ईरान ने भी अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है.
5. कतर में अमेरिकी दूतावास ने भी जारी किया अलर्ट
ईरान पर हमले के बाद क्षेत्र में संभावित जवाबी कार्रवाई को देखते हुए कतर में यूएस एंबेसी ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए “शेल्टर-इन-प्लेस” गाइडलाइंस लागू कर दी हैं.
दूतावास ने कतर में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को भी अगले आदेश तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है. यह कदम इस आशंका के बीच उठाया गया है कि ईरान जवाबी कार्रवाई कर सकता है, जैसा कि उसने पहले क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर किया था.
क्षेत्रीय हालात बेहद संवेदनशील
इजरायल और ईरान के बीच यह ताजा सैन्य टकराव ऐसे समय हुआ है जब परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं पहले ही कमजोर पड़ चुकी हैं. दोनों देशों के बीच अविश्वास चरम पर है और किसी भी जवाबी कार्रवाई से व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ सकता है.
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि ईरान की ओर से अगला कदम क्या होगा और क्या यह टकराव सीमित रहेगा या बड़े संघर्ष में बदल जाएगा.
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