ईरान से जुड़े ताजा घटनाक्रमों ने क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति में हलचल बढ़ा दी है. यूरोपीय संघ द्वारा इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकी घोषित किए जाने के बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए EU सदस्य देशों की नौसेना और वायुसेना को भी "आतंकवादी" घोषित करने की चेतावनी दी है.
दूसरी तरफ तेहरान और मशहद के विश्वविद्यालयों में छात्रों के बड़े प्रदर्शन हुए, जहां अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगे और अर्धसैनिक बल बसीज की तैनाती की गई. क्षेत्रीय स्तर पर लेबनान के हिज्बुल्लाह पर IRGC अधिकारियों के बढ़ते प्रभाव की खबरें हैं. साथ ही ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता पर कूटनीतिक संपर्क जारी है. इन घटनाओं ने मिडिल ईस्ट में तनाव और अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है.
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1. EU के फैसले पर ईरान का पलटवार
ईरान के विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय संघ द्वारा IRGC को "आतंकी संगठन" घोषित करने के फैसले को "गैरकानूनी और अनुचित" बताया है. मंत्रालय ने कहा कि IRGC ईरान की सशस्त्र सेनाओं की आधिकारिक शाखा है और यह फैसला संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है. तेहरान ने पारस्परिक कदम उठाते हुए EU सदस्य देशों की नौसेना और वायुसेना को अपने 2019 के कानून के तहत "आतंकवादी" घोषित करने की चेतावनी दी है.
2. तेहरान और मशहद में छात्रों की बड़ी रैलियां
ईरान में प्रदर्शनकारियों की कथित सामूहिक हत्या को लेकर तेहरान और मशहद के विश्वविद्यालयों में छात्रों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए. शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और अमीकबीर यूनिवर्सिटी सहित मेडिकल साइंसेज विश्वविद्यालयों में छात्रों ने राजशाही समर्थक और सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगाए. शरिफ यूनिवर्सिटी में विरोध को दबाने के लिए IRGC से संबद्ध अर्धसैनिक बल बसीज तैनात किए गए और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की खबरें सामने आईं.
3. हिज्बुल्लाह पर IRGC अधिकारियों का बढ़ता प्रभाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, लेबनान के हिज्बुल्लाह पर IRGC अधिकारियों का प्रभाव बढ़ गया है. बताया जा रहा है कि ईरान से हाल ही में पहुंचे अधिकारी संगठन की सैन्य क्षमताओं के पुनर्गठन में जुटे हैं और देशभर में लड़ाकों को सीधे ब्रीफ कर रहे हैं. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और इजरायल के साथ संभावित टकराव को लेकर क्षेत्र में तनाव बना हुआ है.
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4. राष्ट्रपति पेजेशकियन का सख्त संदेश
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा, "अगर दुनिया की सारी ताकतें भी हमें झुकाने के लिए खड़ी हो जाएं, तो हम आत्मसमर्पण नहीं करेंगे." उन्होंने कहा, "हम समस्याओं और दबाव के आगे नहीं झुकेंगे."
5. परमाणु वार्ता पर तेहरान-दोहा बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने फोन पर बातचीत कर जिनेवा में हुए हालिया ईरान-अमेरिका अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता की समीक्षा की. दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सहयोग के ढांचे में कूटनीतिक प्रयास जारी रखने पर जोर दिया.
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6. होर्मुज स्ट्रेट में 'स्मार्ट कंट्रोल' अभ्यास
IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट में "स्मार्ट कंट्रोल" नाम से नौसैनिक अभ्यास किया. इसमें तेज-प्रतिक्रिया इकाइयों की तैनाती के साथ "सय्यद-3G" एयर डिफेंस मिसाइल समेत विभिन्न वेपन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया.
7. जॉर्डन का स्पष्ट रुख
जॉर्डन ने साफ कहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर किसी सैन्य हमले के लिए नहीं होने देगा. यह बयान उन रिपोर्ट्स के बाद आया है जिनमें केंद्रीय जॉर्डन में अमेरिकी विमानों की तैनाती की बात कही गई थी.
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