ईरान के हमले का डर... 'All Indian Crew', होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अपनाई जा रही है ऐसी टेक्निक

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कई जहाज खुद को भारत से जुड़ा बताने लगे हैं. शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार कई जहाज "इंडियन क्रू ऑनबोर्ड" जैसे संदेश जारी कर रहे हैं, ताकि ईरानी हमलों से बचा जा सके.

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होर्मुज स्ट्रेट को ईरान ने बंद कर रखा है. (File Photo) होर्मुज स्ट्रेट को ईरान ने बंद कर रखा है. (File Photo)

बिदिशा साहा

  • नई दिल्ली,
  • 13 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:41 PM IST

ईरान, अमेरिका और इजरायल में जारी युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट में एक नई रणनीति सामने आई है. खाड़ी क्षेत्र में चल रहे कई जहाज अब अपने संदेशों में यह बताने लगे हैं कि उनमें भारतीय क्रू मौजूद है. माना जा रहा है कि ऐसा ईरानी हमलों से बचने के लिए किया जा रहा है.

शिप ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के डेटा का विश्लेषण करने पर पता चला है कि कम से कम सात जहाज ऐसे हैं जो अपने आईडेंटिटी मैसेज में भारत से जुड़ी जानकारी प्रसारित कर रहे हैं. इनमें "ऑल इंडिया क्रू", "इंडियन ऑनबोर्ड" और "ऑल इंडियन ऑनबोर्ड" जैसे संदेश शामिल हैं.

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यह जानकारी समुद्री ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म MarineTraffic और VesselFinder के डेटा के विश्लेषण से सामने आई है. दरअसल होर्मुज स्ट्रेट इस समय युद्ध के कारण बेहद संवेदनशील क्षेत्र बन चुका है. ऐसे में कई जहाज अपने AIS यानी ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम में अतिरिक्त संदेश डालकर अपनी पहचान या क्रू की जानकारी प्रसारित कर रहे हैं.

समंदर में कैसे ट्रैक किए जाते हैं जहाज?

AIS एक GPS आधारित सिस्टम होता है, जो जहाज की लोकेशन और उसकी यात्रा से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रसारित करता है. आम तौर पर इसमें जहाज अपने अगले डेस्टिनेशन बंदरगाह का नाम दर्ज करते हैं ताकि समुद्री यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनी रहे. लेकिन मौजूदा हालात में कुछ जहाज इस सिस्टम का इस्तेमाल अतिरिक्त जानकारी देने के लिए भी कर रहे हैं.

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विश्लेषण में यह भी पाया गया कि कम से कम चार भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज और एक भारत की ओर जाने वाला जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते दिखाई दिए. इस बीच भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर इन रिपोर्ट्स की पुष्टि नहीं की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल के दिनों में ईरानी विदेश मंत्री से तीन बार बातचीत की है.

ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने होर्मुज स्ट्रेट बंद रखने की वकालत की

जायसवाल ने कहा कि इन बातचीतों में जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा आपूर्ति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन इस बारे में अभी कोई स्पष्ट टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. इधर ईरान की तरफ से भी संकेत मिले हैं कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को अब ईरानी नौसेना से इजादत लेना होगा.

ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को बंद रखना दुश्मनों पर दबाव बनाने का एक अहम साधन हो सकता है. वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल अलीरेजा तांगसिरी ने भी कहा कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को पहले औपचारिक अनुमति लेनी होगी.

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लाल सागर में पहले से इसी टेक्निक का इस्तेमाल कर रहे जहाज

हालांकि जहाजों द्वारा अपनी पहचान में बदलाव करना कोई नई रणनीति नहीं है. इससे पहले लाल सागर में हूती हमलों के दौरान भी कई जहाजों ने अपने संदेशों में चीन से जुड़े होने का संकेत दिया था, ताकि हमलों के जोखिम को कम किया जा सके. अब होर्मुज स्ट्रेट में इसी तरह की रणनीति भारत से जुड़े संदेशों के साथ दिखाई दे रही है.

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रिपोर्ट्स के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र में अब तक कम से कम 19 व्यावसायिक जहाजों को नुकसान पहुंच चुका है. इनमें से कई जहाज पनामा और मार्शल आइलैंड्स जैसे देशों के झंडे के तहत चल रहे थे. इस बीच Shenlong, Pushpak और Parimal जैसे भारत से जुड़े जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने में सफल रहे हैं.

इनमें से Shenlong हाल ही में मुंबई बंदरगाह भी पहुंच चुका है. विश्लेषण में यह भी सामने आया कि अपनी यात्रा के एक हिस्से में यह जहाज "डार्क मोड" में चला गया था, यानी उसने कुछ समय के लिए अपनी ट्रैकिंग जानकारी प्रसारित करना बंद कर दिया था. मौजूदा हालात को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार के लिए जोखिम अभी भी बना हुआ है और जहाजों को सुरक्षा के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनानी पड़ रही हैं.

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