'...तो मैं खुद जाऊंगा पाकिस्तान', ईरान संग दूसरी शांति वार्ता से पहले ट्रंप का बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दूसरी शांति वार्ता को लेकर बड़ा संकेत दिया है. अगली संभावित वार्ता से पहले उन्होंने कहा कि वह खुद पाकिस्तान जा सकते हैं. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान कई अहम शर्तों पर सहमत हो चुका है.

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इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच फिर शांति वार्ता होने वाली है. (Photo- ITG) इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच फिर शांति वार्ता होने वाली है. (Photo- ITG)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 17 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:43 AM IST

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अब कूटनीति तेज होती दिख रही है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ शांति समझौता अब ज्यादा दूर नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर इस्लामाबाद में डील साइन होती है, तो वह खुद पाकिस्तान जाने के लिए तैयार हैं. ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दूसरी दौर की बातचीत की तैयारी चल रही है.

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व्हाइट हाउस से रवाना होते वक्त ट्रंप ने कहा कि बातचीत "बहुत अच्छे तरीके से" आगे बढ़ रही है और ईरान लगभग सभी अहम मुद्दों पर सहमत हो चुका है. उनका सबसे बड़ा फोकस ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान न सिर्फ न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा, बल्कि वह संवर्धित यूरेनियम भी सौंपने को तैयार है, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. हालांकि, इस दावे पर अभी कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है.

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इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका भी अहम बनकर उभरी है. ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की तारीफ करते हुए कहा कि वहां के सैन्य नेतृत्व और बातचीत कराने वाले अधिकारी "बहुत अच्छा काम" कर रहे हैं. इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हो चुकी है जिसमें शांति कायम करने की पहल की शुरुआत हुई. यह बातचीत बेनतीजा रही थी और इसके लिए अमेरिका-ईरान दोनों ने अपने-अपने दावे किए थे. अब दूसरे दौर की तैयारी चल रही है. हालांकि, अभी तक बैठक की तारीख तय नहीं हुई है.

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ट्रंप ने कहा- जंग खत्म होने के करीब

ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर बातचीत सफल रहती है, तो जंग "बहुत जल्द खत्म" हो सकती है. यह जंग 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुई थी, जिसमें हजारों लोगों की जान गई और तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया. इस युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दबाव डाला है, खासतौर पर ऊर्जा बाजार पर.

इसी बीच ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच हुए सीजफायर को भी बड़ी सफलता बताया. उन्होंने कहा कि यह कदम पूरे क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में मदद करेगा. ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन से बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेताओं को व्हाइट हाउस बुलाकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी.

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लेबनान में सीजफायर उल्लंघन का दावा

जमीनी हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं. लेबनान में हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच तनाव बना हुआ है, और सीजफायर के उल्लंघन की खबरें भी सामने आ रही हैं. ऐसे में यह साफ है कि शांति की राह आसान नहीं होगी. ट्रंप प्रशासन के लिए यह समझौता सिर्फ कूटनीतिक सफलता नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी बेहद अहम है.

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अमेरिका में मिडटर्म चुनाव नजदीक हैं और ईरान के साथ चल रही जंग ने ट्रंप की लोकप्रियता को प्रभावित किया है. अगर वह इस युद्ध को खत्म कराने में सफल होते हैं, तो इसका सीधा फायदा उन्हें घरेलू राजनीति में मिल सकता है. इनके अलावा अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में सैन्य तैनाती बढ़ा रहा है.  अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अपने ताजा बयान में कहा है कि अगर बातचीत नहीं बनती है तो वे ईरान पर जंग को दोबारा शुरू करने को तैयार बैठे हैं.

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