'ईरान का परमाणु ढांचा पूरी तरह खत्म किया जाना चाहिए', ट्रंप के सामने इजरायली पीएम नेतन्याहू की शर्त

ईरान के साथ संभावित समझौते पर इजरायल के प्रधानमंत्री ने सख्त रुख दिखाया है. उन्होंने कहा कि किसी भी डील में परमाणु सामग्री हटाने, मिसाइल कार्यक्रम सीमित करने और कड़े निरीक्षण जैसे प्रावधान जरूरी होने चाहिए. बयान से मध्य पूर्व कूटनीति को लेकर नई बहस शुरू हो गई है.

Advertisement
अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु समझौते पर बातचीत चल रही है. (File Photo: Reuters) अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु समझौते पर बातचीत चल रही है. (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:44 AM IST

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते को लेकर अपनी स्पष्ट और कड़ी शर्तें सामने रखी हैं. एक सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा, "मैं आपसे यह नहीं छिपाऊंगा कि मुझे ईरान के साथ किसी भी समझौते पर संदेह है, क्योंकि सच कहूं तो ईरान एक ही चीज में भरोसेमंद है, वे झूठ बोलते हैं और धोखा देते हैं."

Advertisement

पीएम नेतन्याहू ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में कई अहम तत्व शामिल होने चाहिए जो न केवल इजरायल बल्कि अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा के लिए भी जरूरी हैं. उनकी पहली शर्त थी, "सारा समृद्ध परमाणु पदार्थ ईरान से बाहर जाना चाहिए." दूसरी शर्त पर उन्होंने कहा, "समृद्धि की क्षमता ही खत्म की जानी चाहिए, केवल प्रक्रिया रोकना नहीं, बल्कि उस उपकरण और ढांचे को खत्म करना होगा जो इसे संभव बनाते हैं."

यह भी पढ़ें: जर्मनी में ईरान सरकार के खिलाफ 2.5 लाख लोगों का प्रदर्शन, रेजा पहलवी ने अंतरराष्ट्रीय समर्थन की अपील की

नेतन्याहू ने तीसरी शर्त के रूप में बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा, "एमटीसीआर के तहत 300 किलोमीटर की सीमा है और ईरान को इसका पालन करना चाहिए, लेकिन वह ऐसा नहीं करता." इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय सहयोगी समूहों के समर्थन को भी समझौते का हिस्सा बनाने की बात कही.

Advertisement

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, "चौथी बात यह है कि ईरान द्वारा बनाए गए आतंक के गठजोड़ को खत्म किया जाए. यह कमजोर हुआ है, लेकिन अभी भी मौजूद है और खुद को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है."

नेतन्याहू ने निरीक्षण व्यवस्था को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा, "अंतिम बात यह है कि वास्तविक और प्रभावी निरीक्षण होना चाहिए - ऐसा नहीं कि पहले से सूचना देकर किया जाए, बल्कि ठोस और भरोसेमंद जांच व्यवस्था हो."

यह भी पढ़ें: ईरान में महायुद्ध की आहट! 'कोम' की पवित्र मजार पहुंचे खामेनेई, क्या होने वाला है बड़ा ऐलान? ग्राउंड रिपोर्ट में जानें

नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं और अमेरिका और अन्य शक्तियां ईरान के साथ संभावित समझौते के विकल्प तलाश रही हैं. उनके बयान से साफ संकेत मिलता है कि इजरायल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई नरमी दिखाने के पक्ष में नहीं है और वह सख्त शर्तों के साथ ही किसी समझौते को स्वीकार्य मानता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement