इराक के पास तेल टैंकरों पर ईरान का बड़ा हमला, एक भारतीय की मौत

मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के बीच इराक के पास तेल टैंकरों पर हमले की खबर सामने आई है. 'Safesea Vishnu' नाम के टैंकर पर हुए हमले में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई. भारतीय दूतावास ने बाकी 15 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया है.

Advertisement
ईरान ने US के तेल टैंकर पर हमला किया है. (Representative image/ Reuters file) ईरान ने US के तेल टैंकर पर हमला किया है. (Representative image/ Reuters file)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:44 AM IST

मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच तेल और समुद्री परिवहन पर हमले और तेज हो गए हैं. इराक के पास हुए एक हमले में 'Safesea Vishnu' नाम के तेल टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई. बगदाद स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक यह हमला 11 मार्च को इराक के बसरा के पास हुआ. यह जहाज अमेरिकी स्वामित्व वाला था और मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत चल रहा था.

Advertisement

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि जहाज पर मौजूद 15 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है. दूतावास लगातार इराकी अधिकारियों और बचाए गए भारतीय क्रू सदस्यों के संपर्क में है और उन्हें हर संभव मदद दी जा रही है. दूतावास ने हमले में मारे गए भारतीय क्रू के परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की है.

यह भी पढ़ें: भारी बमबारी के बावजूद नहीं डगमगाई ईरान की सत्ता, US इंटेलिजेंस का दावा- 'इस्लामी शासन नहीं गिरने वाली'

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इराकी समुद्री क्षेत्र में दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जिससे उनमें आग लग गई. बंदरगाह के अधिकारियों, समुद्री सुरक्षा एजेंसियों और जोखिम का विश्लेषण करने वाली कंपनियों के मुताबिक विस्फोटक से भरी नावों से इन जहाजों पर हमला किया गया.

Advertisement

भारत-ईरान में बनी बात, भारतीय तेल टैंकर को छूट

ईरान ने गुरुवार को भारत के तेल टैंकरों को रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजादत भी दे दी है. यह फैसला भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया. सूत्रों के मुताबिक, इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मौजूदा युद्ध जैसे हालात के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो.

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है. इसी रास्ते से वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई होती है. इसलिए इस मार्ग में किसी भी तरह का तनाव या रुकावट सीधे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकती है.

तीन व्यापारी जहाजों पर प्रोजेक्टाइल से हमला

खाड़ी क्षेत्र के पानी में तीन व्यापारी जहाजों पर प्रोजेक्टाइल भी दागे गए, जिससे समुद्री मार्गों में खतरा और बढ़ गया है. यह घटनाएं ऐसे समय हो रही हैं जब लगभग दो हफ्ते पहले अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हवाई हमले शुरू किए थे. उस हमले के बाद से पूरे मध्य पूर्व में जंग फैल गई है.

यह भी पढ़ें: ईरान ने रखीं युद्ध खत्म करने की 3 शर्तें, राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले- तभी रुकेगी US-इजरायल से जंग

Advertisement
इराक के पास हुए तेल टैंकर पर हमले की तस्वीर. (Photo- Reuters)

इस युद्ध में अब तक करीब 2000 लोगों की मौत हो चुकी है और वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री परिवहन पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं. ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह इस संघर्ष के जरिए वैश्विक तेल बाजार पर दबाव बनाना चाहता है. ईरान की सैन्य कमान के एक प्रवक्ता ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, "तेल 200 डॉलर प्रति बैरल तक जाने के लिए तैयार रहिए, क्योंकि तेल की कीमत क्षेत्र की सुरक्षा पर निर्भर करती है और आपने ही इस क्षेत्र को अस्थिर किया है."

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement