मिडिल ईस्ट में जैसे-जैसे जंग का दायरा बढ़ता जा रहा है, उसका असर एविएशन सेक्टर और न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स पर दिखने लगा है. दक्षिणी ईरान में इजरायल के हवाई हमलों के दौरान ईरान का एक पैसेंजर विमान नष्ट हो गया.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बुशेहर हवाईअड्डे पर ईरान एयर के विमान को निशाना बनाय गया. ईरानी मीडिया ने बताया कि हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक यात्री विमान को जमीन पर ही नष्ट कर दिया गया.
हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि उस समय विमान सेवा में था या नहीं. बता दें कि यह रिपोर्टें ऐसे समय में आई हैं जब इजराइल, ईरान के विभिन्न ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है.
फारस की खाड़ी के तट पर स्थित बुशेहर में ईरान का एकमात्र सक्रिय परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी है, जिससे इस हमले के व्यापक प्रभावों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. ईरान के दो प्रमुख हवाईअड्डों में से एक मेहराबाद भी हमले की चपेट में आया. इससे मौजूदा हमलों की लहर में प्रभावित उड्डयन स्थलों की सूची और लंबी हो गई है.
इस हमले की तस्वीरों में रनवे के पीछे धुएं का घना गुबार उठता दिखाई दे रहा है. रिपोर्ट में कहा गया कि तेहरान के पश्चिम में स्थित मेहराबाद हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र पर हमला किया.
इससे पहले, रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम ने घोषणा की कि उसने बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र की नई इकाइयों पर निर्माण कार्य रोक दिया है. रोसाटॉम के प्रमुख अलेक्सी लिकाचेव ने मंगलवार को बताया कि संयंत्र की दूसरी और तीसरी इकाइयों के निर्माण स्थलों पर काम रोक दिया गया है.
उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों को देखते हुए आगे की स्थिति का अनुमान लगाना कठिन है, लेकिन हमारे लोग वहां बने रहेंगे और यह परियोजना हमारी प्राथमिकताओं में रहेगी.
लिकाचेव ने इससे पहले परमाणु स्थलों के पास हो रहे हमलों के जोखिम को लेकर चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि संयंत्र से सिर्फ कुछ किलोमीटर दूर विस्फोटों की आवाज़ सुनी जा सकती है, हालांकि संयंत्र को सीधे निशाना नहीं बनाया गया.
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