ईरान जंग के बीच तेल को लेकर परेशान दुनिया, भारत को मिल रहे ऑफर पर ऑफर

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा स्थिति मजबूत बनी हुई है. देश के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का लगभग आठ सप्ताह का भंडार है. इस बीच भारत को कई देशों से ऑफर मिल रहे हैं.

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ईरान जंग के बीच भारत एनर्जी सप्लाई को लेकर अच्छी स्थिति में है (Photo: Reuters) ईरान जंग के बीच भारत एनर्जी सप्लाई को लेकर अच्छी स्थिति में है (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:00 PM IST

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने गुरुवार को कहा कि देश के पास तेल और गैस का पर्याप्त रिजर्व है. भारत ने कहा कि एनर्जी सप्लाई को लेकर फिलहाल कोई चिंता नहीं है और भारत इसे लेकर कंफर्टेबल पोजिशन में है.

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सरकारी सूत्रों ने कहा कि देश की ऊर्जा स्थिति की दिन में दो बार समीक्षा की जा रही है और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद ऊर्जा सुरक्षा के मामले में भारत फिलहाल सुरक्षित स्थिति में है. 

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अधिकारियों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल, एलएनजी या एलपीजी की कोई कमी नहीं है और भारत लगातार कई सप्लायर देशों के साथ संपर्क में है ताकि एनर्जी सप्लाई स्थिर बनी रहे. 

ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल के युद्ध की वजह से पूरी दुनिया पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. ईरान ने वैश्विक तेल सप्लाई के लिए अहम होर्मुज की खाड़ी को बंद कर दिया है जिससे मध्य-पूर्वी देशों को अपना तेल बेचने में दिक्कत आ रही है और भारत की भी चिंता बढ़ गई है क्योंकि यह सऊदी अरब, यूएई जैसे देशों से भरपूर मात्रा में तेल खरीदता है.

भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 40 प्रतिशत होर्मुज की खाड़ी से होकर आता है. बाकी का 60 प्रतिशत तेल अन्य रास्तों से आता है. 

भारत के पास तेल, गैस का पर्याप्त भंडार

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भारत के पास फिलहाल कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का लगभग आठ सप्ताह का कुल भंडार उपलब्ध है, जिसमें रणनीतिक भंडार भी शामिल हैं. इसमें करीब 25 दिन का कच्चे तेल का स्टॉक और लगभग 25 दिन का पेट्रोल-डीजल का भंडार शामिल है. 

सरकारी अधिकारियों ने कहा कि अलग-अलग स्रोतों से आपूर्ति और पर्याप्त भंडार के कारण भारत अल्पकालिक आपूर्ति झटकों से निपटने की स्थिति में है, हालांकि क्षेत्रीय हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. 

सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल या डीजल की राशनिंग की कोई योजना नहीं है.  देशभर में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है और आम लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. 

सूत्रों ने यह भी बताया कि वैश्विक एलएनजी आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत कतर से आता है. कतर एनर्जी ने ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित किया है, जो कॉन्ट्रैक्ट की एक ऐसी शर्त होती है जिसके तहत असाधारण परिस्थितियों में आपूर्तिकर्ता अपनी जिम्मेदारियों को अस्थायी रूप से कम या स्थगित कर सकता है. 

भारत को मिल रहे ऑफर पर ऑफर

सरकारी सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत कई अन्य देशों से भी एनर्जी खरीदने पर विचार कर रहा है. और इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भारत को गैस आपूर्ति का प्रस्ताव दिया है. 

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भारत फिलहाल प्रतिदिन लगभग 195 मिलियन मेट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (mmscmd) गैस आयात करता है, जिसमें से करीब 60 mmscmd कतर से आता है.   संभावित आपूर्ति जोखिमों को देखते हुए सरकार अतिरिक्त बाजारों की तलाश कर रही है ताकि आपूर्ति में निरंतरता और विविधता बनी रहे. 

अधिकारियों ने बताया कि भारत कच्चे तेल और एलपीजी की खरीद के लिए प्रमुख तेल उत्पादक देशों और वैश्विक ट्रेडर्स के साथ भी बातचीत कर रहा है. बाजार की स्थिरता और सप्लाई पर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) और पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) के साथ भी चर्चा चल रही है. साथ ही संवेदनशील समुद्री मार्गों में चलने वाले भारतीय जहाजों के लिए बीमा कवरेज सुनिश्चित करने को लेकर अमेरिका से भी बातचीत हो रही है. 

एनर्जी सप्लाई में विविधता लाने की स्ट्रैटजी के तहत भारत ने हाल ही में यूएई और अमेरिका के साथ नए ऊर्जा समझौते भी किए हैं. 

अमेरिका ने भारत को दे दी रूसी तेल खरीदने की छूट

इस बीच भारत के लिए एक और अच्छी खबर आई है. अमेरिका ने भारत को रूसी तेल की खरीद जारी रखने के लिए 30 दिन की छूट दे दी है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए यह कदम उठाया गया है.

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शुक्रवार को स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इस फैसले की घोषणा की. उन्होंने कहा कि ट्रेजरी विभाग भारतीय रिफाइनरियों को सीमित समय के लिए रूस का कच्चा तेल खरीदने की अनुमति देगा.

उन्होंने कहा, 'वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए वित्त मंत्रालय भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की इजाजत देने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दे रहा है.'

बेसेंट ने यह भी कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि भविष्य में भारत अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाएगा.

उन्होंने लिखा, 'भारत अमेरिका का एक अहम साझेदार है और हमें पूरी उम्मीद है कि भारत अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगा.' उन्होंने यह भी कहा कि ईरान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को अपने कब्जे में करने की कोशिश कर रहा है और उसकी इस कोशिश को नाकाम करने के लिए यह फैसला लिया गया है.

'भारत की एनर्जी सप्लाई के लिए अमेरिका से बेहतर कोई ऑप्शन नहीं'

अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने गुरुवार को कहा कि भारत की एनर्जी सप्लाई के लिए अमेरिका से बेहतर कोई ऑप्शन नहीं है.

दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग में भारत के रूसी तेल की खरीद पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में लैंडाउ ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि आप दूसरे ऑप्शन की तलाश कर रहे होंगे… अमेरिका से बेहतर विकल्प आपको नहीं मिल सकता.'

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