भारत-ताइवान संपर्क से बौखलाया चीन, हिंद महासागर में परिवहन जोखिमों की दी चेतावनी

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक चीनी विशेषज्ञ ने ताइवान और भारत के करीबी संपर्क के बाद हिंद महासागर में परिवहन जोखिमों की चेतावनी दी है. साथ ही कहा है कि अगर चीन के साथ सीमा वार्ता पर भारत अगर ताइवान का सवाल उठाता है तो चीन कार्रवाई करेगा.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 7:48 PM IST
  • ताइवान के विदेश मंत्री ने दिया था इंटरव्यू
  • आजतक ने लिया था साक्षात्कार
  • साक्षात्कार पर बौखलाया चीन

ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने हाल ही में आजतक के साथ खास बातचीत में चीन के नापाक इरादों की पोल खोल दी थी. इस इंटरव्यू को लेकर चीन बौखलाया हुआ है. अब चीनी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अगर चीन के साथ सीमा वार्ता पर ताइवान का सवाल उठाता है तो चीन कार्रवाई करेगा.

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक चीनी विशेषज्ञ ने ताइवान और भारत के करीबी संपर्क के बाद हिंद महासागर में परिवहन जोखिमों की चेतावनी दी है. साथ ही कहा है कि अगर चीन के साथ सीमा वार्ता पर भारत अगर ताइवान का सवाल उठाता है तो चीन कार्रवाई करेगा. वहीं भारत में चीनी दूतावास ने "ताइवान स्वतंत्रता" की वकालत करते हुए साक्षात्कार पर विरोध दर्ज कराया था.

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चीनी दूतावास के काउंसलर जी रोंग ने एक बयान में कहा कि वू के साक्षात्कार ने भारत को 'एक-चीन सिद्धांत' का गंभीर रूप से उल्लंघन करने के लिए प्रोत्साहित किया, जो ताइवान के सवाल पर भारत सरकार के दीर्घकालिक स्थिति के विपरीत है. जी ने कहा, 'हम प्रासंगिक भारतीय मीडिया से चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से संबंधित मुख्य हितों के मुद्दों पर सही रुख अपनाने का आग्रह करते हैं, जो एक-चीन सिद्धांत का पालन करते हों, 'ताइवान स्वतंत्रता' बलों के लिए मंच प्रदान नहीं करते हों और जनता को गलत संदेश भेजने से बचते हों.'

दिया था इंटरव्यू 

बता दें कि तिब्बत की तरह ही ताइवान पर भी चीन अपना कब्जा जमाता है, लेकिन ताइवान हर बार दुनिया को यही संदेश देता है कि वो अलग देश है. इसके लिए कई बार ताइवान की राष्ट्रपति और अन्य नेताओं ने भारत की तारीफ की है और उनसे समर्थन मांगा है. वहीं ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में चीन की पोल खोल दी थी. उन्होंने कहा कि चीन अपने आर्थिक रसूख का इस्तेमाल कर रहा है और दूसरे देशों पर दबाव डाल रहा है.

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