पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर 'डील' शब्द चर्चा के केंद्र में है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी सहयोगी और राजनीतिक मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने खुलासा किया है कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को दो बार 'डील' का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन दोनों बार बातचीत बेनतीजा रही.
लाहौर में एक टीवी टॉक शो के दौरान सनाउल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान से समझौते की दो गंभीर कोशिशें की गईं. पहली कोशिश 26 नवंबर 2024 से पहले की गई थी, जिसमें गृह मंत्री मोहसिन नकवी और तत्कालीन खैबर पख्तूनख्वा मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर शामिल थे. दूसरी पहल हाल ही में विदेश से कुछ लोगों द्वारा की गई.
सनाउल्लाह के अनुसार, इमरान खान ने शुरुआत में प्रस्ताव पर सहमति जताई थी, लेकिन बाद में वे पीछे हट गए. उन्होंने कहा,'हम इस मसले का राजनीतिक समाधान चाहते हैं, लेकिन खान रास्ता निकालने को तैयार नहीं हैं.' उनका यह भी दावा है कि इमरान मौजूदा सरकार को हटाकर खुद सत्ता में वापसी चाहते हैं.
सरकार की सफाई
हालांकि, सरकार के भीतर से ही इस बयान पर सफाई भी आई. सूचना मंत्री अत्ताल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर स्पष्ट किया कि इमरान खान को कोई डील या रियायत नहीं दी जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किसी भी तरह की नरमी की बात पूरी तरह गलत है और इमरान खान एक दोषी करार दिए गए व्यक्ति हैं.
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इसी बीच, इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई गई है. उनके वकील सलमान सफदर ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि 73 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री की दाहिनी आंख की दाईं आंख की रोशनी 85% तक कम हो गई है. उनके परिवार ने इस्लामाबाद के शिफा अस्पताल में निजी चिकित्सकों की निगरानी में इलाज की मांग की है.
इमरान खान की बहन नोरीन खान ने आरोप लगाया कि उनके साथ जेल में दुर्व्यवहार हो रहा है और देश पर'अवैध और गैर-इस्लामिक शासन' चल रहा है. अगस्त 2023 से कई मामलों में जेल में बंद इमरान की रिहाई और राजनीतिक भविष्य को लेकर पाकिस्तान की राजनीति में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
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