स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान ने कमाई का जरिया बना लिया है. होर्मुज से हुई पहली कमाई ईरान के सेंट्रल बैंक तक पहुंच गई है. ईरानी संसद के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि सरकार को होर्मुज स्ट्रेट पर लगाए गए टोल से पहली कमाई मिल गई है. यह टोल ईरान ने अमेरिका और इज़रायल के साथ अपने युद्ध के दौरान इस रणनीतिक जलमार्ग पर लगाया था. इससे पहले होर्मुज से होकर गुजरने पर कोई टोल नहीं लगता था.
इस कमाई के साथ अब आधिकारिक हो गया है कि ईरान होर्मुज से होकर गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूल रहा है. तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार संसद के उपाध्यक्ष हमीदरेज़ा हाजीबाबाएई ने कहा, "होर्मुज स्ट्रेट के टोल से मिली पहली कमाई सेंट्रल बैंक के खाते में जमा कर दी गई है."
ईरान के अन्य मीडिया संस्थानों ने भी इस बयान को प्रकाशित किया है, लेकिन इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है.
कितना टोल वसूला, किससे वसूला?
कुछ मीडिया रिपोर्टों में खबरें आई थी कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के लिए ईरान की योजनाओं में हर जहाज से लगभग 2 मिलियन डॉलर यानी कि 18 करोड़ रुपये का ट्रांज़िट शुल्क मांगने का अधिकार भी शामिल है.
ईरानी नेता ने यह नहीं बताया गया है कि ईरान ने किन किन जहाजों से टोल वसूला है और वसूली गई टोल की रकम कुल कितनी है.
मौजूदा सीज़फ़ायर से पहले तेहरान ने कहा था कि उसने इस रास्ते से गुजरने की इजाजत को उन देशों तक सीमित कर दिया है जिन्हें वह "दोस्त" देश कहता है और इस स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की भी बात चल रही थी.
लेकिन उस समय इस बारे में कोई सफ़ाई नहीं दी गई थी कि ईरान इस रास्ते से गुजरने के लिए कितनी फीस ले रहा था, या ले भी रहा था या नहीं.
उदाहरण के लिए मार्च के आखिर में भारत में ईरान के दूतावास ने उन दावों को खारिज कर दिया था कि तेहरान जहाजों से इस रास्ते से गुजरने के लिए 2 मिलियन डॉलर वसूल रहा था.
सारे नियम ईरान तय करता है
BBC के अनुसार गुरुवार को एक और सीनियर ईरानी सांसद अलीरेजा सलीमी ने तस्नीम से कहा, "मैंने भरोसेमंद सूत्रों से सुना है कि ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूली है."
सांसद अलीरेजा सलीमी ने कहा, "इनमें से हर जहाज से वसूली गई रकम और फीस, जहाज के प्रकार, उसमें लदे माल की मात्रा और उससे जुड़े जोखिम के स्तर के आधार पर अलग-अलग होती है और ईरान ही यह तय करता है कि ये फीस कैसे और किस हद तक वसूली जाएगी. नियम हम ही तय करते हैं."
टोल के खिलाफ हैं राष्ट्रपति ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही उन जहाजों को धमकी दी है जो होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल करने के लिए ईरान को टोल देते हैं.
12 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑनलाइन पोस्ट किया कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हर उस जहाज को खोजें और रोकें जिसने ईरान को कोई टोल चुकाया है.
उस समय उन्होंने कहा था, "जो कोई भी गैर-कानूनी टोल चुकाएगा उसे खुले समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा."
कुछ दिन पहले ट्रंप ने यह भी सुझाव दिया था कि अमेरिका और ईरान इस स्ट्रेट पर एक "संयुक्त उद्यम" के तौर पर शुल्क लगा सकते हैं.
अमेरिकी सेनाएं अब ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की अपनी खुद की नाकेबंदी कर रही हैं, हालांकि BBC ने जहाजों को ट्रैक करने वाले डेटा और अन्य स्रोतों का इस्तेमाल करके यह पुष्टि की है कि जब से यह नाकेबंदी लागू हुई है तब से ईरान से जुड़े कई जहाज अमेरिकी नाकेबंदी की सीमा को पार कर चुके हैं.
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