ईलीन गू की कहानी यूएस ड्रीम, चाइनीज महात्वाकांक्षा और ग्लोबल पॉलिटिक्स के टकराव की कहानी है. ईलीन गू अमेरिका में जन्मी फ्रीस्टाइल स्कीइंग की ओलंपियन हैं लेकिन उनकी आधी जड़ें अमेरिका से और आधी चीन से जुड़ी हुई हैं. 3 सितंबर 2003 को सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया में जन्मी ईलीन की मां यान गू चीनी इमिग्रेंट हैं. पिता अमेरिकी. ईलीन को मां ने अकेले पाला.
ईलीन ने तीन साल की उम्र से लेक ताहो में स्कीइंग शुरू की. स्कीइंग के लिए छोटी ईलीन गू का प्यार इतना शदीद था कि वो नौ साल में चैम्पियन बन गईं.
ईलीन गू बचपन से ही अमेरिका के लिए खेलती रहीं. लेकिन 2019 में 15 साल की उम्र में वह इंटरनेशनल स्की फेडरेशन से चीन के लिए खेलने लगीं. अमेरिकन सिस्टम, संसाधन और ट्रेनिंग के बल पर कामयाबी की सीढ़ियां चलने वालीं ईलीन गू का चीन के लिए खेलना अमेरिका में लोगों को अखर गया. लेकिन एक खिलाड़ी की पसंद की बात थी इसलिए एजेंसियां और संस्थाएं चुप ही रहे.
स्कीइंग क्वीन बन गईं
2022 बीजिंग विंटर ओलंपिक में 18 साल की उम्र में ईलीन गू ने इतिहास रच दिया. उन्होंने बिग एयर और हाफपाइप में गोल्ड और स्लोपस्टाइल में सिल्वर जीता. इसके साथ ही वे सबसे युवा फ्रीस्टाइल स्की ओलंपिक चैंपियन बन गईं. ईलीन पहली फ्रीस्टाइल स्कीयर थीं जिन्होंने एक ओलंपिक में तीन मेडल जीते.
2026 के विंटर ओलंपिक में ईलीन गू ने तो कमाल कर दिया. एलीन गु ने मिलानो कॉर्टिना में चल रहे 2026 विंटर ओलंपिक्स में अपने कलेक्शन में दो और सिल्वर मेडल जोड़े हैं. इसके साथ ही ओलंपिक इतिहास में सबसे ज़्यादा मेडल जीतने वाली महिला फ्रीस्टाइल स्कीयर के तौर पर उनका रुतबा और पक्का हो गया है.
चीन के लिए खेल रहीं सुपरस्टार स्कीयर के नाम अब दो विंटर गेम्स में कुल पांच ओलंपिक मेडल हैं- दो गोल्ड और तीन सिल्वर.
US को चुभी कामयाबी
ईलीन गू की इस कामयाबी पर अमेरिकन सोशल सर्किल में खूब बहस हो रही है.
ईलीन गू की यह पहचान और राजनीतिक संघर्ष से भी भरी है. कई अमेरिकियों ने उनके निर्णय को 'देश के प्रति वफादारी की कमी' के रूप में देखा. कुछ आलोचकों ने यह कहा कि एक ऐसे व्यक्ति ने जिसने अमेरिका की प्रणाली से बहुत कुछ सीखा और लाभ उठाया, चीन के लिए खेलना एक 'धोखा' जैसा निर्णय है. उन्हें सोशल मीडिया पर 'देशद्रोही' जैसा टैग भी मिला. ईलीन गू ने यह भी बताया कि उनके खिलाफ खतरनाक धमकियां मिली है और हमले तक हुए हैं.
NBA के पूर्व खिलाड़ी एनेस कैंटर फ्रीडम ने तो उन्हें 'देशद्रोही' तक कह दिया. कैंटर फ्रीडम ने कहा कि ईलीन एक ऐसे शासन का प्रतिनिधित्व करती हैं जो सचमुच एक कॉन्सेंट्रेशन कैंप चला रहा है.
उन्होंने कहा, "मैं बस इतना ही कहूंगा, वह एक देशद्रोही हैं. वह अमेरिका में पैदा हुई थीं. वह अमेरिका में पली-बढ़ीं, अमेरिका में रहती हैं, और सचमुच, दुनिया के सबसे बुरे मानवाधिकार उल्लंघनकर्ता, चीन के लिए अपने ही देश के खिलाफ मुकाबला करना चुनती हैं. उन्होंने एक आज़ाद देश में अपना नाम बनाया, और फिर एक तानाशाही शासन का प्रतिनिधित्व करना चुनती हैं."
वहां इस मुद्दे ने इतना जोर पकड़ा कि उपराष्ट्रपति जेडी वॉन्स ने इस मु्द्दे पर प्रतिक्रिया दी.
अमेरिका से फायदा लिया, चीन के लिए मैदान में उतरीं
वॉन्स ने मंगलवार को फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में वॉन्स ने कहा कि जो अमेरिका में पली-बढ़ी, हमारी शिक्षा प्रणाली, स्वतंत्रता और लिबर्टी का से खुद को संवारा, मुझे उम्मीद है कि वह USA के लिए खेलेगी.
वॉन्स ने कहा, "उम्मीद है कि गु जैसे US में जन्मे एथलीट, जिन्हें अमेरिकन एजुकेशन और आज़ादी से फ़ायदा हुआ है, वे US को रिप्रेजेंट करना चुनेंगे."
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि, 'वह ऐसे अमेरिकी एथलीट्स को सपोर्ट करना चाहेंगे जो खुद को अमेरिकी मानते हैं.' ओलंपिक में ईलीन गू को अमेरिकी माना जाना चाहिए या चाइनीज इस बात का फैसला उन्होंने ओलंपिक कमेटी पर छोड़ दिया. लेकिन वॉन्स ने अमेरिका फर्स्ट भावना से स्पष्ट किया कि ईलीन जैसी को USA चुनना चाहिए था.
सबसे अमीर एथलीट
फोर्ब्स पत्रिका के मुताबिक ईलिन गू सबसे अधिक कमाई करने वाली महिला विंटर ओलंपियन भी हैं, जिनकी कमाई वर्ष 2025 में लगभग 23 मिलियन डॉलर रही. उन्हें कई बड़े स्पॉन्सरशिप मिले हैं और कई कंपनियां उन्हें प्रमोट करती हैं.
जितनी US, उतनी ही चीनी
अपनी सफाई में इस एथलीट ने कहा है कि मैं उतनी ही अमेरिकन हूं जितनी चीनी. जब मैं US में होती हूं तो अमेरिकन होती हूं और जब चीन में होती हूं तो चीनी होती हूं.
एक इंटरव्यू में ईलीन गु ने कहा, "विदेशी प्रेस अब मुझे चीनी एथलीट गु एलिंग कहती है." उन्होंने आगे कहा कि "मैं चीन को रिप्रेजेंट कर रही हूं और मैं चीनी स्कीइंग स्पोर्ट्स को रिप्रेजेंट कर रही हूं."
गु ने पहले 2022 में बीजिंग ओलंपिक के दौरान गेम के बाद एक इंटरव्यू में कहा था कि "मुझे पक्का लगता है कि मैं उतनी ही अमेरिकन हूं जितनी चीनी। जब मैं US में होती हूं तो अमेरिकन होती हूं और जब चीन में होती हूं तो चीनी होती हूं, और मैं US और चीन दोनों का शुक्रिया अदा करती रही हूं कि उन्होंने मुझे वह इंसान बनाया जो मैं हूं."
पन्ना लाल