डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी संसद को पहले संबोधन में भारतीयों के लिए अच्छा संकेत है. अपने भाषण में ट्रंप ने योग्यता पर आधारित प्रवासी नीति की पैरवी की.
ट्रंप का कहना था कि कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में मेरिट पर प्रवासियों को वीजा देने का सिस्टम है. उनकी राय में इसी तरह की व्यवस्था अमेरिका में पैसा बचा सकती है और इससे कामगारों की तनख्वाहें भी बढ़ाई जा सकती हैं.
ट्रंप का कहना था- 'अपने कामगारों की रक्षा का एक मतलब प्रवासी कानूनों में सुधार भी है. मौजूदा व्यवस्था में गरीब मजदूरों को सही वेतन नहीं मिलता और टैक्स चुकाने वालों की जेब पर भी बोझ पड़ता है.'
ट्रंप ने प्रवासी नियमों में सुधार के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी से सहयोग की अपील की. उनका कहना था कि अगर सरकार नौकरियों को बेहतर बनाने पर जोर दे तो प्रवासी कानूनों में सार्थक बदलाव संभव है.
अगर ट्रंप के ये अल्फाज हकीकत बनते हैं तो इसका ज्यादा फायदा भारत के आईटी कर्मचारियों को होगा. एच-1बी वीजा पर अमेरिका में बसने वाले विदेशियों में भारत के IT सेक्टर के कर्मचारियों की तादाद सबसे ज्यादा है. साथ ही भारत से अमेरिका जाने वाले वैज्ञानिकों, डॉक्टरों, इंजीनियरों को भी मेरिट पर आधारित वीजा सिस्टम का फायदा मिल सकता है.
संदीप कुमार सिंह