'ईरान यूरेनियम सौंपने को राजी, हम डील के बेहद करीब', डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान लगभग हर चीज पर सहमत हो चुका है. अगर आगामी बातचीत में इस्लामाबाद में समझौता होता है तो वे खुद वहां जा सकते हैं.

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ट्रंप बोले- ईरान लगभग हर चीज पर सहमत (File Photo) ट्रंप बोले- ईरान लगभग हर चीज पर सहमत (File Photo)

aajtak.in

  • वॉशिंगटन,
  • 17 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:58 AM IST

मिडिल ईस्ट महाजंग खत्म करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने पर सहमत हो गया है. दोनों पक्ष (अमेरिका और ईरान) छह हफ्तों से जारी सैन्य संघर्ष को खत्म करने वाले समझौते के बेहद करीब हैं. अगर इस्लामाबाद में आगामी बातचीत में समझौता होता है तो वे खुद जा सकते हैं.

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अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा, 'ईरान ने हमें न्यूक्लियर डस्ट वापस देने पर सहमति जताई है.' न्यूक्लियर डस्ट शब्द आम तौर पर संवर्धित यूरेनियम के लिए इस्तेमाल किया जाता है.  इसे वॉशिंगटन परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल योग्य मानता है.

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच अगले दौर की बातचीत इस हफ्ते की आखिर में हो सकती है. हालांकि उन्होंने मौजूदा युद्धविराम को बढ़ाने की आवश्यकता पर संदेह जताया.

'समझौता करना चाहता है ईरान'
ट्रंप ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इसे बढ़ाने की जरूरत है. तेहरान अब पहले की तुलना में अधिक लचीला रुख अपना रहा है. ईरान समझौता करना चाहता है. हम उनके साथ बहुत अच्छे तरीके से बातचीत कर रहे हैं.' ट्रंप के ताजा बयान से दोनों पक्षों के रुख में बदलाव का संकेत मिलता है.

हालांकि, ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए साफ कहा कि अगर बातचीत विफल होती है तो लड़ाई फिर शुरू हो सकती है. युद्धविराम की स्थिति नाजुक है, जो अगले सप्ताह समाप्त होने वाला है. अमेरिकी अधिकारियों का भी मानना है कि ईरान अब उन बातों पर सहमत हो रहा है, जिनके लिए वह दो महीने पहले तैयार नहीं था. यह बढ़ते दबाव के कारण संभव हुआ है.

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'तो मैं खुद जाऊंगा इस्लामाबाद'
ट्रंप ने यह भी कहा, 'अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है, तो मैं खुद वहां जा सकता हूं. ईरान लगभग हर चीज पर सहमत हो चुका है.'

ट्रंप ने ईरान मुद्दे को वैश्विक संदर्भ से जोड़ते हुए कहा, 'पोप लियो XIV के लिए तेहरान से जुड़े खतरे को समझना जरूरी है. पोप जो कहना चाहें, कह सकते हैं. मैं चाहता हूं कि वे कहें, लेकिन मैं उनसे असहमत हो सकता हूं. पोप को समझना होगा कि यह असल दुनिया है.'

बता दें कि ट्रंप के ये बयान और पोप के बीच ईरान मुद्दे को लेकर चल रहे मतभेदों के बीच आए हैं. पोप लगातार संयम और शांति की अपील कर रहे हैं, जबकि ट्रंप सख्त रुख का समर्थन करते रहे हैं. इसको लेकर दोनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए थे.

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