ईरान में अमेरिकी रेस्क्यू मिशन का प्लान हुआ था लीक, ट्रंप बोले- हमारे बीच ही है कोई भेदिया

व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में फंसे अमेरिकी एयरमैन के रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर बड़ा खुलासा किया. उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी प्रशासन के भीतर से ही संवेदनशील जानकारी लीक हुई, जिससे मिशन और जवान की जान खतरे में पड़ गई.

Advertisement
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के जेम्स ब्रैडी प्रेस ब्रीफिंग रूम में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान. (Photo: AP) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के जेम्स ब्रैडी प्रेस ब्रीफिंग रूम में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान. (Photo: AP)

aajtak.in

  • वॉशिंगटन,
  • 07 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:23 AM IST

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ईरान में अमेरिकी जवान के रेस्क्यू के लिए चलाए गए ऑपरेशन की जानकारी दी. इस दौरान उन्होंने बताया कि ईरान से अमेरिकी एयरमैन के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उनके नेतृत्व वाले प्रशासन के भीतर किसी 'भेदिए' (सूचना लीक करने वाले) की मौजूदगी हो सकती है.

ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन उस व्यक्ति को खोजने के लिए बहुत कड़ी मेहनत कर रहा है, क्योंकि उस अज्ञात शख्स ने संवेदनशील रेस्क्यू ऑपरेशन और ईरान में फंसे जवान दोनों की जान खतरे में डाल दी थी. बता दें कि ईरान ने 2 अप्रैल को अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान को अपने एयरस्पेस में मार गिराया था. इस विमान में पायलट के साथ एक और जवान उड़ान भर रहा था.

Advertisement

अमेरिकी सेना ने पालयट को तुरंत रेस्क्यू कर लिया था, लेकिन दूसरे जवान को रेस्क्यू करने के लिए एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाना पड़ा. ट्रंप ने उस पत्रकार को भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, जिसने सबसे पहले यह खबर ब्रेक की थी कि अमेरिकी सेना ईरान में अपने जवान की तलाश कर रही है. उन्होंने कहा, 'जिस व्यक्ति ने यह न्यूज पब्लिश की है, अगर वह अपने सोर्स का खुलासा नहीं करता है तो उसे जेल जाना पड़ेगा, और यह ज्यादा समय तक नहीं चलेगा.'

यह भी पढ़ें: एक पायलट को बचाने के लिए भेजे 155 एयरक्राफ्ट, डोनाल्ड ट्रंप ने बताई ईरान से हुए ऐतिहासिक रेस्क्यू की कहानी

हालांकि ट्रंप ने किसी पत्रकार या मीडिया संस्थान का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने कहा कि इस तरह की गोपनीय जानकारी के सार्वजनिक होने से ईरानी सुरक्षा बलों को यह पता चल गया कि गिराए गए F-15E के पायलट के बचाव के बाद एक और अमेरिकी जवान उनके क्षेत्र में मौजूद था. इस घटना की रिपोर्टिंग करने वालों में द न्यूयॉर्क टाइम्स, फॉक्स न्यूज और एक्सियोस जैसे मीडिया संस्थान शामिल थे.

Advertisement

ट्रंप ने बताया कि इस रेस्क्यू ऑपरेशन में कुल 155 विमानों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें 4 बॉम्बर, 64 फाइटर जेट, 48 रिफ्यूलिंग टैंकर और 13 रेस्क्यू एयरक्राफ्ट शामिल थे. उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन का एक बड़ा हिस्सा ईरानी सुरक्षा बलों को भ्रमित करने के लिए था, ताकि वे उस स्थान तक न पहुंच सकें जहां जवान छिपा था.

ट्रंप ने कहा कि जब दुश्मन के इलाके में कोई विमान गिरता है, तो सभी सबसे पहले उसी स्थान पर पहुंचते हैं, इसलिए वहां से जितना दूर हो सके जाना जरूरी होता है. उन्होंने बताया कि एयरमैन बुरी तरह घायल था और काफी खून बह रहा था, लेकिन इसके बावजूद वह पहाड़ी इलाके को पार कर सका और अमेरिकी सुरक्षा बलों से संपर्क कर अपनी लोकेशन साझा की.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement