चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका की वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई पर खुलकर नाराजगी जताई है और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है. खास बात यह है कि वांग यी ने यह सख्त बयान चीन-पाकिस्तान रणनीतिक संवाद के दौरान दिया, ऐसे वक्त में जब पाकिस्तान हाल के वर्षों में अमेरिका के साथ भी अपने रिश्ते मजबूत करता दिख रहा है.
दरअसल, चीन की राजधानी बीजिंग में रविवार को पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की. इस दौरान वांग यी ने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पर खुलकर भड़ास निकाली. वांग यी ने कहा कि चीन किसी भी देश द्वारा बल प्रयोग या बल की धमकी का हमेशा विरोध करता रहा है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कोई भी देश दुनिया का पुलिसमैन नहीं बन सकता और ना ही खुद को अंतरराष्ट्रीय जज घोषित कर सकता है.
यह वांग यी की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया थी, जिसमें उन्होंने शनिवार को वेनेजुएला में अमेरिकी एयर स्ट्राइक और मादुरो की गिरफ्तारी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सभी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पूरी तरह संरक्षित किया जाना चाहिए.
मादुरो को रिहा करने की मांग कर चुका चीन
इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने की मांग की थी और कहा था कि उनकी हिरासत अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है.
वांग यी ने बिना सीधे अमेरिका का नाम लिए कहा कि वेनेजुएला में हालात में अचानक आया बदलाव पूरी दुनिया का ध्यान खींच रहा है. उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात बेहद अस्थिर हैं और एकतरफा दबंगई लगातार बढ़ रही है.
चीन ने साफ किया कि वह पाकिस्तान सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र चार्टर की रक्षा करेगा. अंतरराष्ट्रीय नैतिक मूल्यों को बनाए रखेगा. सभी देशों की संप्रभु समानता पर जोर देगा और विश्व शांति और विकास के लिए काम करेगा.
पाकिस्तान के साथ बातचीत में दिया बयान
यह बयान ऐसे समय आया है जब चीन और पाकिस्तान के बीच 7वें दौर का रणनीतिक संवाद चल रहा है. इस बैठक की सह-अध्यक्षता वांग यी और इशाक डार ने की. डार इसके लिए शनिवार को चीन पहुंचे थे.
वांग यी ने कहा कि चीन-पाकिस्तान ऑल-वेदर स्ट्रैटेजिक कोऑपरेटिव पार्टनरशिप आज क्षेत्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्थिरता का अहम स्तंभ बन चुकी है. उन्होंने कहा कि बीजिंग इस साल दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू करने और साझा भविष्य वाले चीन-पाकिस्तान समुदाय को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है.
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की.
दोनों देशों ने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाने पर भी सहमति जताई. इसी कड़ी में डार और वांग यी ने 75वीं वर्षगांठ का लोगो भी लॉन्च किया, जिससे सालभर चलने वाले समारोहों की शुरुआत हो गई.
इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान चीन के साथ पारंपरिक दोस्ती को आगे बढ़ाने, विकास योजनाओं में तालमेल बढ़ाने, व्यावहारिक सहयोग गहरा करने और रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान वन-चाइना नीति का पूरी तरह समर्थन करता रहेगा.
दोनों देशों ने ग्लोबल साउथ को एकजुट करने, संयुक्त राष्ट्र चार्टर की रक्षा करने और किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन करने वाली दबंग कार्रवाइयों का विरोध करने पर सहमति जताई.
इससे पहले इशाक डार ने चीन के उप प्रधानमंत्री डिंग श्वेइशियांग से भी मुलाकात की. डिंग ने चीन-पाकिस्तान की ‘आयरन-क्लैड फ्रेंडशिप’ की तारीफ की और कहा कि दोनों देशों के नेताओं ने पिछले साल द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर अहम सहमतियां बनाई थीं.
डार ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट के मंत्री ल्यू हाईशिंग से भी बातचीत की. दोनों पक्षों ने CPEC परियोजनाओं की प्रगति, क्षेत्रीय हालात और पार्टी-टू-पार्टी संपर्कों की समीक्षा की.
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