बांग्लादेश सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग, तारिक रहमान का सख्त संदेश- मॉब कल्चर बर्दाश्त नहीं

बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए सबसे पहले आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करना और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाना तथा बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में किसी तरह की समस्या न होने देना सरकार की प्राथमिकता है.

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बांग्लादेश में नई सरकार की पहली बैठक. (Photo: Social Media) बांग्लादेश में नई सरकार की पहली बैठक. (Photo: Social Media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:17 PM IST

बांग्लादेश में नई सरकार का गठन हो गया है. प्रधानमंत्री तारिक रहमान की अध्यक्षता में बुधवार को नई कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई कैबिनेट के सदस्य और सलाहकार शामिल हुए. बैठक में सरकार ने शुरुआती तौर पर तीन प्रमुख प्राथमिकताएं तय कीं और उन्हें लागू करने का निर्णय लिया.

इन तीन प्राथमिकताओं में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार और बिजली व ऊर्जा की सामान्य आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है. बैठक दोपहर करीब तीन बजे प्रधानमंत्री तारिक रहमान की अध्यक्षता में शुरू हुई. इसके बाद प्रधानमंत्री ने सचिवों के साथ भी अलग से बैठक की. बैठक समाप्त होने के बाद नए गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद और सूचना एवं प्रसारण मंत्री जहुरुद्दीन स्वपन ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी.

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गृह मंत्री ने बताया कि सरकार के पहले दिन कैबिनेट बैठक आयोजित करना परंपरा है. प्रधानमंत्री ने मंत्रियों और सलाहकारों को कुछ आवश्यक दिशानिर्देश दिए हैं. सरकार ने 180 दिनों के लिए प्राथमिकताएं तय की हैं, जिनकी विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी.

सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए सबसे पहले आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करना और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाना तथा बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में किसी तरह की समस्या न होने देना सरकार की प्राथमिकता है.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री जहुरुद्दीन स्वपन ने कहा कि रमजान के मद्देनज़र सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करना है. साथ ही लोगों के लिए कानून-व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक बनाए रखना और विशेषकर इफ्तार के समय बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता में शामिल है. इन प्राथमिकताओं को लागू करने के लिए संबंधित मंत्री एक से दो दिनों के भीतर अपनी कार्य योजना प्रधानमंत्री को सौंपेंगे और उसके बाद प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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नई कैबिनेट के सदस्यों और सलाहकारों से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने सभी सचिवों के साथ भी बैठक की. गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सचिवों से अपील की है कि जनता ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चुनावी घोषणापत्र के आधार पर अपना जनादेश दिया है, इसलिए उस घोषणा पत्र में किए गए वादों को ईमानदारी से लागू किया जाए.

उन्होंने कहा कि हमने सभी से स्पष्ट कहा है कि किसी की व्यक्तिगत निष्ठा या संबंध को नहीं देखा जाएगा. सभी का आकलन उनकी योग्यता के आधार पर किया जाएगा. 

'बांग्लादेश में मॉब कल्चर बर्दाश्त नहीं'

बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि बांग्लादेश में किसी भी परिस्थिति में मॉब कल्चर को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस प्रवृत्ति पर रोक लगानी ही होगी.

उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों के नाम पर नाकेबंदी और राजमार्गों को अवरुद्ध करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. गृहमंत्री ने अपने कार्यभार संभालने के पहले दिन मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक और विचार-विमर्श के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह चेतावनी दी.

सलाहुद्दीन ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे, लेकिन अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मैंने विशेष रूप से कहा है कि बांग्लादेश में मॉब कल्चर खत्म होना चाहिए. इसे किसी भी तरह से प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा.

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सलाहुद्दीन ने कहा कि लोगों को अपनी मांगें रखने का अधिकार रहेगा, जिसमें रैलियां और सभाएं शामिल हैं, बशर्ते वे निर्धारित और वैध प्रक्रिया के तहत हों. कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से गतिविधियां जारी रहेंगी लेकिन मांगों को मनवाने के नाम पर हाईवे और सड़कों को जाम करना, यह मॉब कल्चर अब नहीं चलेगा. मैं इसे साफ कर देना चाहता हूं.

कानून-व्यवस्था और जनता के विश्वास के मुद्दे को जोड़ते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस और अन्य एजेंसियों को अपनी विश्वसनीयता फिर से स्थापित करनी होगी. उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस और यहां की कई अन्य संस्थाएं और एजेंसियां कमजोर पड़ी हैं. अब मैं कह रहा हूं कि पुलिस को जनता का मित्र बनना होगा. जो छवि पहले खराब हुई थी, उसे फिर से बहाल करना होगा.

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