बांग्लादेश की गीदड़भभकी, शेख हसीना को वापस भेज दे भारत नहीं तो हम...

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत आने के बाद से ही बांग्लादेश की अंतरिम सरकार उनके प्रत्यर्पण के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है. अब बांग्लादेश ने गीदड़भभकी देते हुए कहा है कि अगर भारत पूर्व पीएम शेख हसीना को वापस नहीं भेजता है तो वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने उठाएगा और उनसे हस्तक्षेप की मांग करेगा.

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फोटो- शेख हसीना फोटो- शेख हसीना

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 12:41 PM IST

बांग्लादेश में पिछले साल हुए विद्रोह के बाद शेख हसीना अपने पद से इस्तीफा देने के बाद वहां से भारत आ गई थीं. उसी समय से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार शेख हसीना के प्रत्यर्पण के लिए हर तरह का प्रयास कर रही है. बांग्लादेश लगातार भारत से शेख हसीना को वापस भेजने की मांग कर रहा है. अब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की ओर से शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर बड़ा बयान सामने आया है.

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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में कानून मंत्री आसिफ नजरुल ने कहा कि, 'अगर भारत शेख हसीना को वापस नहीं भेजता है तो यह साफ तौर पर भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि का उल्लंघन होगा.'

ढाका में एक प्रेस वार्ता के दौरान कानून मंत्री आसिफ नजरुल ने कहा कि, बांग्लादेश सरकार ने इस संबंध में भारत सरकार को पत्र भी लिखा है. संधि के अनुसार, भारत को हर हाल में शेख हसीना को वापस भेजना होगा. अगर ऐसा नहीं होता है तो बांग्लादेश का विदेश मंत्रालय इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाकर हस्तक्षेप की मांग करेगा.   

आसिफ नजरुल ने आगे कहा, ''हम जो कुछ भी कर सकते हैं, वह कर रहे हैं. शेख हसीना को वापस लाने के लिए सरकार अपने सभी प्रयासों को जारी रखेगी. अगर जरूरत पड़ी तो इसके लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन की भी मांग की जाएगी.''

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भारत सरकार बढ़ा चुकी शेख हसीना की वीजा अवधि

मालूम हो कि, पिछले साल पांच अगस्त को बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हो गया था. उसी दिन शेख हसीना अपने पद से इस्तीफा देकर भारत आ गई थीं. वर्तमान में शेख हसीना भारत में रह रही हैं. शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन किया गया, जिसकी कमान अब मोहम्मद यूनुस के हाथ में है.

यूनुस सरकार भारत से लगातार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है. सरकार ने शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में कई आपराधिक मुकदमे भी दर्ज किए हैं और अंतरराष्ट्रीय अदालत में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है. 

वहीं, बांग्लादेश की सरकार ने शेख हसीना का पासपोर्ट भी रद्द कर दिया है. इसके साथ ही उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया गया है.

दूसरी ओर, नरेंद्र मोदी सरकार ने शेख हसीना की वीजा अवधि को बढ़ा दिया है. भारत सरकार की इस मदद से शेख हसीना कुछ समय और भी भारत में प्रवास कर सकती हैं. हालांकि, भारत में शरणार्थी कानून नहीं होने की वजह से अभी तक शेख हसीना को कोई शरणार्थी दर्जा नहीं दिया गया है.

हाल ही में एक वीडियो संदेश जारी करते हुए शेख हसीना ने कहा था कि विद्रोह के बहाने उनकी हत्या की साजिश रची जा रही थी. शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी के फेसबुक अकाउंट पर यह वीडियो शेयर की गई.

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वीडियो में शेख हसीना ने कहा कि यह सिर्फ ईश्वर की कृपा थी कि वह अपने राजनीतिक करियर में कई हत्या के प्रयासों से बच गईं. शेख हसीना ने कहा, ''मैं और मेरी बहन शेख रेहाना जीवित रहने में कामयाब रहे. अगर हम 20-25 मिनट लेट हो जाते तो हमारी हत्या कर दी जाती.''

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