17 फरवरी 2026 का दिन बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक दिन है. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने जा रहे हैं. इसी के साथ ही लगभग 35 सालों बाद बांग्लादेश को एक पुरुष प्रधानमंत्री मिलेगा. शपथ ग्रहण का यह समारोह ढाका की संसद, जातीय संसद के साउथ प्लाजा में हो रहा है, जो परंपरा से हटकर है. आमतौर पर शपथ ग्रहण समारोह बंगभवन में होता था.
बांग्लादेश के स्थानीय अखबार 'ढाका ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को 13वीं राष्ट्रीय संसद के नवनिर्वाचित सांसदों ने संसद के साउथ प्लाजा में शपथ ली. मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सुबह लगभग 10:42 बजे उन्हें शपथ दिलाई. कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित इस समारोह में 1,000 से अधिक स्थानीय और विदेशी मेहमान शामिल हुए.
बीएनपी ने सुबह 11:30 बजे संसद भवन में अपनी संसदीय कमेटी की बैठक बुलाई है जहां संसदीय दल के नेता को चुना जाएगा. पार्टी का कहना है कि बहुमत वाली पार्टी के रूप में बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ही प्रधानमंत्री बनेंगे.
नेता के चुनाव के बाद शाम 4 बजे बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन तारिक रहमान को प्रधानमंत्री और उनकी नई कैबिनेट के सदस्यों को शपथ दिलाएंगे.
यह बीएनपी की लगभग 20 साल बाद सत्ता में वापसी है. 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनावों में बीएनपी ने 212 सीटें जीती हैं और जमात-ए-इस्लामी मुख्य विपक्षी पार्टी बनी है.
तारिक रहमान की नई कैबिनेट कैसी होगी?
बीएनपी कथित तौर पर ऐसी सरकार बनाने की तैयारी में है, जिसमें वरिष्ठ और युवा चेहरों का मिश्रण होगा. तारिक रहमान के कैबिनेट की घोषणा नहीं हुई है लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि कैबिनेट बहुत बड़ी नहीं होगी और इसमें 32 से 42 सदस्यों के शामिल होने की उम्मीद है.
तारिक रहमान ने कैबिनेट को लेकर सीनियर नेताओं से बात की है. हालांकि, किसे कौन सा मंत्रालय मिलेगा, यह शपथ ग्रहण समारोह के बाद ही साफ होगा. बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि 'कैबिनेट का अंतिम स्वरूप देखने के लिए देश को थोड़ा और इंतजार करना होगा.'
रिपोर्ट के मुताबिक, बीएनपी के संयुक्त महासचिव हुमायूं कबीर का नाम विदेश मंत्री पद के लिए चर्चा में है. वहीं डॉ. रेजा किब्रिया को वित्त मंत्री बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है. डॉ. किब्रिया पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में वरिष्ठ अर्थशास्त्री रह चुके हैं.
आमिर खुसरू महमूद चौधरी को वाणिज्य मंत्रालय सौंपा जा सकता है. वो ये पद पहले भी संभाल चुके हैं. बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर का नाम स्थानीय सरकार मंत्रालय के लिए चर्चा में है. वो पहले कृषि राज्य मंत्री और बाद में नागरिक उड्डयन एवं पर्यटन राज्य मंत्री रह चुके हैं.
हालांकि, ये नाम अभी सिर्फ अटकलें हैं और बीएनपी की ओर से किसी मंत्रालय के आवंटन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
बांग्लादेश का अंतिम पुरुष पीएम कौन था?
मुस्लिम देश बांग्लादेश में 1991 से 2024 तक केवल महिलाएं (खालिदा जिया और शेख हसीना) ही प्रधानमंत्री पद पर रहीं.
बांग्लादेश के नियमित (non-caretaker) प्रधानमंत्रियों की लिस्ट में अंतिम पुरुष प्रधानमंत्री काजी जफर अहमद थे, जिनका कार्यकाल 12 अगस्त 1989 से 6 दिसंबर 1990 तक रहा. 2024 में शेख हसीना के इस्तीफे के बाद मुहम्मद यूनुस अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार बने.
बांग्लादेश में अब तक कितने पुरुष पीएम रहे हैं और उनका कार्यकाल कितना रहा है?
बांग्लादेश में अब तक कुल 8 पुरुष प्रधानमंत्री (मुख्य सलाहकार को छोड़कर) रहे हैं. इनमें से अधिकांश का कार्यकाल छोटा रहा, क्योंकि बांग्लादेश में तख्तापलट, मार्शल लॉ और राजनीतिक अस्थिरता का लंबा इतिहास रहा है.
1. ताजुद्दीन अहमद- 17 अप्रैल 1971-12 जनवरी 1972 (270 दिन)- आवामी लीग (अस्थायी सरकार)
2. शेख मुजीबुर रहमान- 12 जनवरी 1972–25 जनवरी 1975 (3 वर्ष, 13 दिन)- आवामी लीग
3. मुहम्मद मंसूर अली- 25 जनवरी 1975-15 अगस्त 1975 (202 दिन)- बांग्लादेश कृषक श्रमिक आवामी लीग
4. शाह अजीजुर रहमान- 15 अप्रैल 1979–24 मार्च 1982 (2 वर्ष, 343 दिन)- बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP)
5. अटौर रहमान खान- 30 मार्च 1984–1 जनवरी 1985 (277 दिन)- जनादल
6. मिजानुर रहमान चौधरी- 9 जुलाई 1986–27 मार्च 1988 (1 वर्ष, 262 दिन)- जातीय पार्टी (एरशाद)
7. मौदूद अहमद- 27 मार्च 1988–12 अगस्त 1989 (1 वर्ष, 138 दिन)- निर्दलीय
8. काजी जफर अहमद- 12 अगस्त 1989–6 दिसंबर 1990 (1 वर्ष, 116 दिन)- निर्दलीय
तारिक रहमान बांग्लादेश के 9वें पुरुष प्रधानमंत्री होंगे.
मुस्लिम देश में खालिदा जिया और शेख हसीना लंबे समय तक पीएम कैसे रहीं?
बांग्लादेश मुस्लिम बहुल देश है जिसकी लगभग 90% आबादी मुस्लिम है. 1972 में स्थापित इसका संविधान सेकुलर है हालांकि, इस्लाम को राज्य धर्म माना गया है.
एक मुस्लिम देश में जहां किसी भी पुरुष प्रधानमंत्री ने पांच सालों का अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया, दो महिला प्रधानमंत्रियों ने कई कार्यकाल पूरे किए. खालिदा जिया ने जहां 10 सालों से अधिक समय तक शासन किया, वहीं अवामी लीग की शेख हसीना ने लगभग 15 सालों तक शासन किया और तीन कार्यकाल पूरे किए.
दोनों महिलाएं प्रमुख राजनीतिक परिवारों से हैं. शेख हसीना शेख मुजीबुर रहमान (बांग्लादेश के संस्थापक और प्रधानमंत्री) की बेटी हैं, जबकि खालिदा जिया जियाउर रहमान (पूर्व राष्ट्रपति और BNP संस्थापक) की पत्नी हैं. परिवारवाद ने खालिदा जिया और शेख हसीना को राजनीतिक विरासत और समर्थन दिया जिस कारण वो लंबे समय तक प्रधानमंत्री बनी रहीं.
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