पश्चिम बंगाल: TMC ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय को बनाया नेता प्रतिपक्ष, फिरहाद हकीम बने चीफ व्हिप

TMC ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपनी नई नेतृत्व टीम का ऐलान कर दिया है. बालीगंज विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है, जबकि कोलकाता पोर्ट विधायक फिरहाद हकीम को चीफ व्हिप की जिम्मेदारी दी गई है. आसिमा पात्रा और नयना बंदोपाध्याय को डिप्टी लीडर नियुक्त किया गया है.

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पश्चिम बंगाल में हार के बाद TMC का बड़ा संगठनात्मक फैसला (Photo: ITG) पश्चिम बंगाल में हार के बाद TMC का बड़ा संगठनात्मक फैसला (Photo: ITG)

तपस सेनगुप्ता / इंद्रजीत कुंडू

  • कोलकाता, पश्चिम बंगाल,
  • 09 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:13 PM IST

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC को बड़ी हार मिली है. BJP के सामने TMC की सीटें बहुत कम रह गई हैं. अब TMC एक विपक्षी पार्टी है. अब TMC ने अपने नए नेता चुने हैं. बल्लीगंज के MLA शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष के नेता के रूप में घोषित किया गया है. 

कोलकाता पोर्ट के MLA फिरहाद हकीम को मुख्य व्हिप बनाया गया है. दो महिला नेताओं को डिप्टी लीडर बनाया गया है. ये सब फैसले TMC ने विधानसभा में अपनी टीम को मजबूत करने के लिए लिए हैं.

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पश्चिम बंगाल के चुनाव में पहले TMC की सरकार थी. ममता बनर्जी TMC की नेता हैं और वो मुख्यमंत्री थीं. लेकिन इस बार का चुनाव ने TMC के खिलाफ जनादेश दिया. BJP ने 207 सीटें जीती तो TMC महज 80 ही सीट जीत सकी.

चुनाव के परिणाम से पता चलता है कि लोगों ने TMC को वोट नहीं दिया. BJP जीत गई और अब BJP की सरकार बन गई है. शनिवार को शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

शोभनदेव चट्टोपाध्याय कौन हैं?

शोभनदेव चट्टोपाध्याय बल्लीगंज से TMC के विधायक हैं. वो कोलकाता के एक महत्वपूर्ण इलाके की प्रतिनिधि हैं. TMC ने उन्हें विपक्ष का नेता चुना है.

फिरहाद हकीम कौन हैं?

फिरहाद हकीम कोलकाता पोर्ट से TMC के विधायक हैं. उन्हें मुख्य व्हिप बनाया गया है. व्हिप का काम अपनी पार्टी के सभी सांसदों/विधायकों को पार्टी के फैसलों का पालन करने के लिए कहना होता है. व्हिप एक तरह से सेना के कमांडर जैसा होता है जो अपने लोगों को संभालता है.

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यह भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी के शपथ लेते ही ममता बनर्जी ने बदला सोशल मीडिया प्रोफाइल, पर नहीं लिखा 'पूर्व CM'

डिप्टी लीडर कौन हैं?

असिमा पात्र और नयना बंदोपाध्याय को डिप्टी लीडर बनाया गया है. डिप्टी लीडर यानी सहायक नेता. अगर मुख्य नेता से कोई काम नहीं हो सके तो ये दोनों महिलाएं उसकी जगह काम करती हैं. 

ये सब नियुक्ति क्यों जरूरी हैं?

विधानसभा में एक खास तरीका होता है. विपक्षी दल के पास भी नेतृत्व की संरचना होनी चाहिए. अलग-अलग भूमिकाएं होनी चाहिए. इसीलिए TMC ने ये नियुक्तियां कीं. विपक्ष के नेता को विधानसभा में एक सम्मानजनक सीट मिलती है. व्हिप को अपनी पार्टी के लोगों को संभालने के लिए कुछ शक्तियां मिलती हैं. 

ममता बनर्जी ने BJP के खिलाफ बंगाल में सभी विपक्षी दलों और वामपंथी पार्टियों से एकजुट होने की अपील की

ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में BJP के खिलाफ सभी विपक्षी दलों, वामपंथी संगठनों, छात्रों और युवाओं से एकजुट होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि BJP का मुकाबला करने के लिए साझा मंच जरूरी है और इसमें वाम दल भी शामिल हो सकते हैं।. यह बयान उन्होंने शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ के दिन दिया.

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