पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी पर तीखा हमला बोला है. शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि बंगाल का मुस्लिम समुदाय अब ममता बनर्जी का साथ छोड़ चुका है और बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन कर चुका है. उन्होंने टीएमसी को 'जंगली और बर्बर' लोगों की पार्टी बताते हुए कहा कि इस सरकार के अब सिर्फ छह हफ्ते बचे हैं.
'मुस्लिम अब मुख्यमंत्री के साथ नहीं'
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी को शायद इस बात का अंदाजा नहीं है कि मुस्लिम समुदाय ने अब अपना अलग रास्ता चुन लिया है. उन्होंने हुमायूं कबीर का जिक्र करते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय अब एक मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने और बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर उनके साथ खड़ा है. शुभेंदु के मुताबिक, सीएम ममता बनर्जी ने हमेशा सांप्रदायिक कार्ड खेलकर चुनाव जीते हैं, चाहे वह 2021 में CAA-NRC का डर दिखाना हो या 2024 के चुनाव. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने हमेशा अल्पसंख्यकों को भड़काकर अपनी राजनीति साधी है.
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'कुत्तों का काम है काटना'
टीएमसी नेताओं पर निशाना साधते हुए शुभेंदु ने विवादित बयान दिया. उन्होंने कहा, 'टीएमसी जाहिलों की पार्टी है. कुत्तों का काम लोगों के पैर काटना होता है, लेकिन इंसान का काम कुत्तों को काटना नहीं होता.' उन्होंने आगे कहा कि न्यायपालिका भी ममता सरकार के व्यवहार से नाराज है और यही बात सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के लहजे में भी सुनाई दी है. अधिकारी ने दावा किया कि सीएम ममता बनर्जी ने खुद हुमायूं कबीर से कहा था कि विरोधियों को 'काटकर भागीरथी में फेंक दो', ताकि यूसुफ पठान को जिताया जा सके.
शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निष्पक्षता पर भी बड़े सवाल उठाए. उन्होंने पूर्व डीजी राजीव का उदाहरण देते हुए कहा कि वे अब पद पर नहीं हैं, फिर भी डीजी बंगले में जमे हुए हैं और पुलिस उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दे रही है. उन्होंने गृह मंत्रालय और दिल्ली के दबाव का जिक्र करते हुए कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के हेलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति भी बड़ी मुश्किल से दी गई थी. शुभेंदु ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री का अपमान करने वाले अधिकारियों को अब तक निलंबित क्यों नहीं किया गया?
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'छह हफ्ते की मेहमान है सरकार'
अंत में शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल की जनता से जागने की अपील की. उन्होंने भविष्यवाणी की कि ममता सरकार के पास अब बहुत कम समय बचा है. उन्होंने कहा, 'इस सरकार के पास अब सिर्फ छह हफ्ते बचे हैं. पोयला बैसाख के बाद किसी भी दिन चुनाव हो सकते हैं.' उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर संविधान को बचाना है, तो इस 'असंवैधानिक' सरकार को उखाड़ फेंकने की जिम्मेदारी जनता को खुद लेनी होगी.
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