पश्चिम बंगाल के पूर्व गवर्नर सी. वी. आनंद बोस ने पद छोड़ने को लेकर पहली बार प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद से उनका इस्तीफा पूरी तरह से सोच-समझकर लिया गया फैसला है. सी. वी. आनंद बोस ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके इस्तीफे के असली कारण फिलहाल गोपनीय रहेंगे और सही समय आने पर ही उनके बारे में बताया जाएगा.
कोलकाता एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सी. वी. आनंद बोस ने कहा कि किसी भी पद की तरह राज्यपाल के पद पर भी आने के साथ ही यह भी तय होता है कि एक दिन जाना भी होगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि खेल के नियमों में यह भी शामिल है कि खिलाड़ी को यह समझ होना चाहिए कि खेल कब समाप्त करना है.
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बोस ने कहा, 'खेल का एक नियम होता है और उसमें यह जानना भी शामिल है कि खेल कब खत्म करना है. जब मैं राज्यपाल के रूप में आया था, तभी मुझे पता था कि एक दिन इसका अंत भी होगा. मुझे अपने बारे में फैसले का अधिकार दिया गया था और मैंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया. मैंने इस्तीफा पूरी तरह से सोच-समझकर दिया है और इसके पीछे की वजहों को अभी सार्वजनिक नहीं किया जाएगा. सही समय आने पर ही इन कारणों को सामने लाया जाएगा.'
पूर्व राज्यपाल ने यह भी बताया कि वह जल्द ही पश्चिम बंगाल लौटेंगे ताकि अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें. मूल रूप से केरल के रहने वाले सी. वी. आनंद बोस ने इस्तीफा देने से ठीक एक सप्ताह पहले ही अपना मतदान केंद्र बंगाल में स्थानांतरित कराया था. जब उनसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बंगाल दौरे के दौरान राज्य सरकार द्वारा प्रोटोकॉल के उल्लंघन से जुड़े मुद्दों पर सवाल किया गया तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. बोस ने कहा कि राष्ट्रपति एक अनुभवी, संतुलित और गरिमापूर्ण व्यक्तित्व हैं और उन्होंने जो कहा होगा उसके पीछे निश्चित रूप से उनके अपने कारण रहे होंगे.
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