PM मोदी के सलाहकार बंगाल के नए वित्त मंत्री? अपनी सीट से लड़ाएंगे CM शुभेंदु

अर्थशास्त्री संजीव सान्याल बंगाल के वित्त विभाग के लिए सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं. शुभेंदु सरकार के पास बंगाल की आर्थिक सेहत को लेकर भारी चुनौतियां हैं, लेकिन सरकार के पास बंगाल की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए कोई मज़बूत वित्त विशेषज्ञ नहीं है.

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संजीव सान्याल EAC-PM के सदस्य हैं. (File Photo: ITG) संजीव सान्याल EAC-PM के सदस्य हैं. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:57 PM IST

पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया है. अब वे भवानीपुर सीट से विधायक हैं. शुभेंदु अधिकारी दो सीटों नंदीग्राम और भवानीपुर से जीते थे. अब सवाल यह है कि नंदीग्राम सीट से कौन चुनाव लड़ेगा. बंगाल की राजनीति में एक दूसरा प्रश्न भी मुंह बाएं खड़ा है. यह प्रश्न ये है कि बंगाल का वित्त मंत्री कौन बनेगा? 

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टेलिग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों सवालों का एक ही जवाब है. और ये जवाब है. संजीव सान्याल. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार संजीव सान्याल देश के जाने-माने अर्थशास्त्री हैं और पश्चिम बंगाल के भी हैं. संजीव सान्याल प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सदस्य हैं. 

EAC-PM भारत सरकार, विशेष रूप से प्रधानमंत्री को आर्थिक और उससे जुड़े मामलों पर सलाह देने के लिए गठित एक स्वतंत्र, गैर-संवैधानिक और गैर-स्थायी निकाय है。यह देश के प्रमुख आर्थिक मुद्दों पर निष्पक्ष दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है. 

बता दें कि अब तक बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ सिर्फ पांच मंत्रियों ने शपथ ली है. फिलहाल वित्त मंत्रालय जैसा अहम विभाग शुभेंदु ही देख रहे हैं; इसके साथ ही वे गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय भी संभाल रहे हैं.  BJP सरकार के सामने मुश्किल यह है कि उसके पास ऐसा कोई विधायक नहीं है, जिसे अर्थव्यवस्था की गहरी समझ हो. 'द टेलीग्राफ़' की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC) के सदस्य सान्याल वित्त मंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे नजर आ रहे हैं. 

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दरअसल, BJP के लिए अनुभवी अधिकारियों को शीर्ष राजनीतिक पदों पर लाना कोई नई बात नहीं है. इसके लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी उदाहरण सामने है. 

सीएम शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में सान्याल को पारंपरिक बंगाली धोती-कुर्ता पहने हुए देखा गया. उनकी पत्नी स्मिता बरुआ भी उनके साथ थीं; माना जाता है कि महिला मतदाताओं का समर्थन जुटाने में BJP की मदद करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी.

4 मई को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से सान्याल ने कई इंटरव्यू दिए हैं और मीडिया संस्थानों के लिए लेख लिखे हैं. इन लेखों में उन्होंने बंगाल के "आर्थिक पतन" और उसे मौजूदा ठहराव से बाहर निकालने के तरीकों पर बात की है.  सान्याल ने एक मीडिया संस्थान से कहा, "कोलकाता मरा नहीं, उसकी हत्या की गई, और मैं इसका गवाह हूं."

संजीव सान्याल का परिचय

संजीव सान्याल जाने-माने अर्थशास्त्री क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी सचिंद्र नाथ सान्याल के पर-भतीजे हैं.  जो भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद के गुरु थे. उनके परदादा नलिनक्षा सान्याल अविभाजित बंगाल प्रांतीय विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक थे. 

BJP के करीबी माने जाने वाले एक अर्थशास्त्री ने 'द टेलीग्राफ' को बताया, "उनमें बंगाली जड़ों और वैश्विक अनुभव का मेल है. वह बंगाल को भावनात्मक और बौद्धिक दोनों ही स्तरों पर समझते हैं, और साथ ही यह भी समझते हैं कि आधुनिक अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक स्तर पर कैसे काम करती हैं."

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चूंकि शुभेंदु ने अपनी नंदीग्राम सीट छोड़ दी है और भवानीपुर सीट अपने पास रखी है, जहां से उन्होंने ममता बनर्जी को हराया था, इसलिए इस बात की पूरी संभावना है कि उपचुनावों में सान्याल को इस अहम सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है. नंदीग्राम जिसे सुवेंदु ने 2021 में भी जीता था एक सुरक्षित सीट मानी जाती है, जहां मुख्यमंत्री का काफी दबदबा है. 

भावी वित्तमंत्री के सामने चुनौतियां

पिछले कुछ सालों में बंगाल की स्थिति लगातार खराब हुई है. 

EAC-PM के डेटा के अनुसार देश की GDP में बंगाल का हिस्सा साल-दर-साल कम होता जा रहा है और 2023-24 में यह घटकर 5.6% रह गया है. 1960-61 में इसका हिस्सा 10.5% था, जिससे यह देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया था. अब यह 24वें स्थान पर है. 

इसके अलावा प्रति व्यक्ति आय. जो कभी राष्ट्रीय औसत का 127.5% थी अब घटकर अब सिर्फ़ 80% रह गई है. यह उस राज्य की स्थिति है जो कभी भारतीय उद्योग का मुख्य केंद्र हुआ करता था. 

राज्य के कर्ज को संभालना जो बढ़कर 7.7 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गया है नई BJP सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. 

हाल ही में दिए गए कई इंटरव्यू में सान्याल ने बताया है कि बंगाल की खोई हुई शान को कैसे वापस पाया जा सकता है. पत्रकारों से बात करते हुए सान्याल ने कहा कि पूर्वी भारत को फिर से खड़ा करने का राज "कोलकाता को फिर से बसाने" में छिपा है. 

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सान्याल ने कहा, "दशकों तक गिरावट के बावजूद कोलकाता के पास ऐतिहासिक फ़ायदे हैं पहले से मौजूद क्लस्टर हैं, और पूरे पूर्वी भारत में विकास को गति देने की क्षमता है."

उन्होंने कहा कि यह गिरावट सिर्फ़ आर्थिक नहीं थी, बल्कि समय के साथ सांस्कृतिक और शैक्षिक संस्थाएं भी कमज़ोर होती गईं. 
 

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