ग्रेटर नोएडा में एक सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से कथित तौर पर छेड़छाड़ और पीछा करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि दिल्ली के डीएनडी फ्लाईओवर से ग्रेटर नोएडा के परी चौक तक करीब 27 किलोमीटर तक कार सवार युवकों ने महिला की गाड़ी का पीछा किया और उसके साथ अभद्रता की. बताया जा रहा है की गाड़ी टकराने को लेकर या विवाद हुआ था. इस घटना ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी है, क्योंकि महिला इनफ्लुएंसर के इंस्टाग्राम पर 5 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं.
महिला के पति लखन ने अपने अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर बताया कि यह घटना लगभग चार दिन पहले हुई थी. उनकी पत्नी दिल्ली से ग्रेटर नोएडा स्थित अपने घर बीएमडब्ल्यू कार से लौट रही थीं. डीएनडी फ्लाईओवर के पास एक अन्य कार में सवार कुछ युवकों ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया. महिला जब नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर आगे बढ़ीं, तब भी आरोपियों ने पीछा करना नहीं छोड़ा.
आरोप है कि रास्ते में कई बार उनकी कार को ओवरटेक करने की कोशिश की गई और अभद्र इशारे भी किए गए. यह सिलसिला परी चौक तक जारी रहा, जिससे महिला काफी डर गईं. घबराकर महिला ने अपने पति को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी. उस समय उनका घर करीब 15 मिनट की दूरी पर था. सूचना मिलते ही पति तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया. नॉलेज पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत की. हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है.
लखन ने एक और वीडियो साझा कर बताया कि पुलिस ने इस मामले में बहुत तत्परता दिखाई और आरोपियों को जेल भेजना चाहती थी. लेकिन, उन्होंने कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि उन छात्रों का जीवन खराब हो. उन्होंने ग्रेटर नोएडा पुलिस की जमकर तारीफ भी की.
वहीं, अब वीडियो वायरल होने के बाद गौतमबुद्धनगर मीडिया साल की जानकारी देते हुए बताया कि घटना करीब 1 माह पुरानी है, यात्रा के दौरान थाना नॉलेज पार्क क्षेत्रांतर्गत ओवरटेकिंग को लेकर पुलिस को सूचना दी गई जिस पर तत्समय ही तुरन्त कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया था. 27 किमी का उल्लेख करना भ्रामक है, पर आरोपियों द्वारा पीड़िता से लिखित माफी मांगने पर पीड़िता (यूट्यूबर) व उनके पति द्वारा स्वयं ही कोई कार्रवाई पुलिस से न करने के लिए अनुरोध किया गया था. जिसके बाद आरोपियों के परिजनों को बुलाकर आरोपियों से 'बॉन्ड' भरवाकर हिदायत देते हुए उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया था.
अरुण त्यागी